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पशु चिकित्सालय में खराब मिला दवा का रखरखाव, चार नमूने भरे
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मैनपुरी। दवाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम सोमवार और भांवत चौराहा स्थित सदर पशु चिकित्सालय पहुंची। यहां टीम को दवाओं के स्टॉक रूम और फ्रिज में गंदगी मिली। टीम ने यहां से चार दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे हैं।
सोमवार को दोपहर बाद औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल सदर पशु चिकित्साल पहुंचीं। यहां सबसे पहले उन्होंने दवा का स्टॉक रूम देखा। स्टॉक रूम में दवाएं अस्त व्यस्त पड़ी थीं। इसके साथ ही गंदगी भी थी। वैक्सीन को ठंडा रखने के लिए लगे फ्रिज में भी गंदगी मिली। इस पर साफ-सफाई के लिए अस्पताल प्रशासन को कहा। इस दौरान पशुओं की चार दवाओं के नमूने भी लिए गए। इसमें पॉविडिन आयोडीन ऑइंटमेंट, फिन फोर बोलस, पेटिसो बोलस और कीटोप्रोफेन एंड पैरासिटामोल बोलस शामिल हैं।
चारों दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने कहा कि दवाओं का बेहतर रखरखाव किया जाए। इसमें लापरवाही न बरती जाए। इसके अलावा उन्होंने एक्सपाइरी दवाओं का भी स्टॉक चेक किया। इस दौरान उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह तोमर और औषधि अनुसेवक रामकुमार मौजूद रहे।
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सोमवार को दोपहर बाद औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल सदर पशु चिकित्साल पहुंचीं। यहां सबसे पहले उन्होंने दवा का स्टॉक रूम देखा। स्टॉक रूम में दवाएं अस्त व्यस्त पड़ी थीं। इसके साथ ही गंदगी भी थी। वैक्सीन को ठंडा रखने के लिए लगे फ्रिज में भी गंदगी मिली। इस पर साफ-सफाई के लिए अस्पताल प्रशासन को कहा। इस दौरान पशुओं की चार दवाओं के नमूने भी लिए गए। इसमें पॉविडिन आयोडीन ऑइंटमेंट, फिन फोर बोलस, पेटिसो बोलस और कीटोप्रोफेन एंड पैरासिटामोल बोलस शामिल हैं।
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चारों दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने कहा कि दवाओं का बेहतर रखरखाव किया जाए। इसमें लापरवाही न बरती जाए। इसके अलावा उन्होंने एक्सपाइरी दवाओं का भी स्टॉक चेक किया। इस दौरान उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह तोमर और औषधि अनुसेवक रामकुमार मौजूद रहे।
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