{"_id":"5d4d4e6e8ebc3e6d22783fb4","slug":"not-security-arrangement-on-bateshwar-rail-route-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंबल के बीहड़ में रेल यात्रियों को सताता है डर, बटेश्वर रेलमार्ग पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबल के बीहड़ में रेल यात्रियों को सताता है डर, बटेश्वर रेलमार्ग पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम
Fri, 09 Aug 2019 04:13 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 09 Aug 2019 04:13 PM IST
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
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चंबल के बीहड़ से होकर गुजरने वाली आगरा-भांडई वाया बटेश्वर एकल रेलमार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। घने जंगलों के बीच से गुजरने के दौरान यात्रियों को डर सताता रहता है। आगरा-इटावा पैसेंजर में आए दिन मारपीट की घटनाएं होती हैं। टीटी को भी यात्री पीट देते हैं, लेकिन चार साल बाद भी यहां पुलिस चौकी नहीं बन सकी है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर को रेलमार्ग से वर्ष 2015 में जोड़ा गया था। इस एकल रेलमार्ग पर रोजाना आगरा कैंट-इटावा पैसेंजर ट्रेन के अलावा गाजीपुर सिटी-बांद्रा एक्सप्रेस सप्ताह में दो बार गुजरती है।
कई मालगाड़ियां भी इसी ट्रैक से होकर निकलती हैं। एकल रेलवे ट्रैक घने जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस दौरान ट्रेनों की रफ्तार भी महज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है। ऐसे में ट्रेन में यात्रा करने वालों को हमेशा डर बना रहता है।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर को रेलमार्ग से वर्ष 2015 में जोड़ा गया था। इस एकल रेलमार्ग पर रोजाना आगरा कैंट-इटावा पैसेंजर ट्रेन के अलावा गाजीपुर सिटी-बांद्रा एक्सप्रेस सप्ताह में दो बार गुजरती है।
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कई मालगाड़ियां भी इसी ट्रैक से होकर निकलती हैं। एकल रेलवे ट्रैक घने जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस दौरान ट्रेनों की रफ्तार भी महज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है। ऐसे में ट्रेन में यात्रा करने वालों को हमेशा डर बना रहता है।
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आए दिन होते हैं विवाद
बाह के विष्णु दयाल ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन में आसपास के लोग आए दिन विवाद करते हैं। महिला यात्रियों को भी असुरक्षा सताती है। कोई महिला पैसेंजर में अकेले यात्री भी नहीं कर सकती है। ट्रेन में घटना होने पर स्थानीय पुलिस का ही सहारा होता है।
दो माह पहले यात्रियों ने टिकट मांगने पर टीटी की पिटाई कर दी थी। इसके बाद ट्रेन में चलने वाले टीटी भी यात्रियों का टिकट चेक नहीं करते हैं। इसी ट्रैक पर गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस के यात्रियों को भी खतरा महसस होता है।
आए दिन कटते हैं पशु, खड़ी होती है ट्रेनें
इस एकल ट्रैक के दोनों ओर घना जंगल होने के कारण आए दिन पशु ट्रैक पर आते हैं और ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। इस कारण ट्रेन रोकनी पड़ती है। इस दौरान भी यात्रियों को डर सताता रहता है।
बाह और फतेहाबाद में जीआरपी चौकी के प्रस्ताव
इस ट्रैक पर खतरे को देखते हुए बाह और फतेहाबाद में जीआरपी चौकी की स्थापना के लिए जनवरी 2017 में तत्कालीन एसपी अजय कुमार ने प्रस्ताव भेजा था। अब एसपी जीआरपी जोगेंदर सिंह ने दोनों स्थानों पर चौकी की स्थापना के लिए डीआरएम को पत्र भेजा है। आगरा कैंट इंस्पेक्टर विजय सिंह चक ने बताया कि गाजीपुर सिटी बांद्रा एक्सप्रेस में स्कवैड की तैनाती की मंजूरी देने को एसपी जीआरपी को पत्र लिखा है।
दो माह पहले यात्रियों ने टिकट मांगने पर टीटी की पिटाई कर दी थी। इसके बाद ट्रेन में चलने वाले टीटी भी यात्रियों का टिकट चेक नहीं करते हैं। इसी ट्रैक पर गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस के यात्रियों को भी खतरा महसस होता है।
आए दिन कटते हैं पशु, खड़ी होती है ट्रेनें
इस एकल ट्रैक के दोनों ओर घना जंगल होने के कारण आए दिन पशु ट्रैक पर आते हैं और ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। इस कारण ट्रेन रोकनी पड़ती है। इस दौरान भी यात्रियों को डर सताता रहता है।
बाह और फतेहाबाद में जीआरपी चौकी के प्रस्ताव
इस ट्रैक पर खतरे को देखते हुए बाह और फतेहाबाद में जीआरपी चौकी की स्थापना के लिए जनवरी 2017 में तत्कालीन एसपी अजय कुमार ने प्रस्ताव भेजा था। अब एसपी जीआरपी जोगेंदर सिंह ने दोनों स्थानों पर चौकी की स्थापना के लिए डीआरएम को पत्र भेजा है। आगरा कैंट इंस्पेक्टर विजय सिंह चक ने बताया कि गाजीपुर सिटी बांद्रा एक्सप्रेस में स्कवैड की तैनाती की मंजूरी देने को एसपी जीआरपी को पत्र लिखा है।