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गजब: सीबीएसई तो दूर, मदरसे के मानक भी पूरे नहीं; कहीं ताला मिला तो कहीं 200 बच्चों के दावे का प्रमाण नहीं
Wed, 09 Sep 2026 10:17 AM IST
Dhirendra Singh
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 09 Sep 2026 10:17 AM IST
सार
मदरसे की मान्यता लेकर सीबीएसई स्कूल चलाने के आरोपों की पड़ताल में कई जगह मदरसे के बुनियादी मानक भी पूरे नहीं मिले। कहीं ताला लटका मिला तो कहीं 200 बच्चों के पढ़ने का दावा किया गया, लेकिन मदरसा बोर्ड से पढ़ाई का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
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मदरसों की पड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मदरसे की मान्यता लेकर सीबीएसई स्कूल चलाने के आरोपों की पड़ताल में मंगलवार को जमीनी हकीकत चौंकाने वाली मिली। सीबीएसई स्कूल चलना तो दूर, मदरसा चलाने के मानक तक पूरे होते नहीं मिले। कहीं मदरसे में ताला लटका था तो कहीं संचालक ने मौके पर मदरसा चलने से ही इनकार कर दिया। एक जगह दसवीं तक 200 बच्चों के पढ़ने का दावा मिला, लेकिन मदरसा बोर्ड से पढ़ाई का प्रमाण मांगा तो प्रमाणपत्र तक नहीं दिखाया जा सका।
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कछपुरा : मदरसे में लटकता मिला ताला
कछपुरा में मदरसा मदनी दारुल हुफ्फाज के नाम से बताए गए मदरसे में मौके पर ताला लगा मिला। मदरसे का नाम या बोर्ड भी मौके पर नजर नहीं आया। आसपास के लोगों से बातचीत के बाद मदरसे का नाम पता चला। स्थानीय लोगों ने बताया कि मदरसा करीब एक-दो घंटे के लिए खुलता है। यहां पास की एक ही मैडम पढ़ाने आती हैं और मदरसा संचालक के जुमे के दिन आते हैं। मदरसे पर कक्षा 3 की पढ़ाने की बात कही गई। उनके अलावा कोई शिक्षक नहीं है।
कछपुरा में मदरसा मदनी दारुल हुफ्फाज के नाम से बताए गए मदरसे में मौके पर ताला लगा मिला। मदरसे का नाम या बोर्ड भी मौके पर नजर नहीं आया। आसपास के लोगों से बातचीत के बाद मदरसे का नाम पता चला। स्थानीय लोगों ने बताया कि मदरसा करीब एक-दो घंटे के लिए खुलता है। यहां पास की एक ही मैडम पढ़ाने आती हैं और मदरसा संचालक के जुमे के दिन आते हैं। मदरसे पर कक्षा 3 की पढ़ाने की बात कही गई। उनके अलावा कोई शिक्षक नहीं है।
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यमुना ब्रिज : खाली प्लॉट में मदरसा, संचालक बोले- यहां नहीं चलता
यमुना ब्रिज क्षेत्र के वली मोहम्मद मदरसे की पड़ताल में बताया गया कि मदरसा एक खाली प्लॉट में चलता है। इसके पास एक स्कूल भी था। स्कूल के संचालक मोहम्मद कामिल ने बताया कि मदरसा यहां नहीं चलता और स्कूल भी इस स्थान से कुछ आगे संचालित होता है। सीबीएसई बोर्ड से संचालित न होने का दावा किया। बताया वह स्कूल उनके पिता संचालित करते हैं, जबकि मौके पर इंग्लिश मीडियम, हिंदी मीडियम और उर्दू बोर्ड के स्टिकर लगे मिले। यहां कक्षा आठ तक पढ़ाई होने की जानकारी दी गई। हालांकि मौके पर स्कूल संचालन के लिहाज से जरूरी आधारभूत व्यवस्थाएं भी स्पष्ट नजर नहीं आईं।
यमुना ब्रिज क्षेत्र के वली मोहम्मद मदरसे की पड़ताल में बताया गया कि मदरसा एक खाली प्लॉट में चलता है। इसके पास एक स्कूल भी था। स्कूल के संचालक मोहम्मद कामिल ने बताया कि मदरसा यहां नहीं चलता और स्कूल भी इस स्थान से कुछ आगे संचालित होता है। सीबीएसई बोर्ड से संचालित न होने का दावा किया। बताया वह स्कूल उनके पिता संचालित करते हैं, जबकि मौके पर इंग्लिश मीडियम, हिंदी मीडियम और उर्दू बोर्ड के स्टिकर लगे मिले। यहां कक्षा आठ तक पढ़ाई होने की जानकारी दी गई। हालांकि मौके पर स्कूल संचालन के लिहाज से जरूरी आधारभूत व्यवस्थाएं भी स्पष्ट नजर नहीं आईं।
महताब बाग : 200 बच्चों का दावा, प्रमाणपत्र नहीं दिखाया
महताब बाग स्थित ताजुल इस्लाम मदरसे के संचालक चमन ने बताया कि मदरसा वर्ष 2016 से संचालित है और मदरसा बोर्ड से पंजीकृत है। उनके यहां सीबीएसई की कोई क्लास नहीं लगती है। नोटिस की कोई उन्हें जानकारी नहीं है। बताया हमारा स्कूल दसवीं तक संचालित है। करीब 200 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हिंदी माध्यम से पढ़ाई के साथ हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और उर्दू विषय पढ़ाए जाते हैं। जब संचालक से दसवीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों का ऐसा प्रमाणपत्र दिखाने को कहा गया, जिसमें उनके मदरसा बोर्ड से उत्तीर्ण होने की पुष्टि हो, तो मौके पर कोई प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। संचालक ने यह भी कहा कि यह सीबीएसई बोर्ड का मदरसा नहीं है।
महताब बाग स्थित ताजुल इस्लाम मदरसे के संचालक चमन ने बताया कि मदरसा वर्ष 2016 से संचालित है और मदरसा बोर्ड से पंजीकृत है। उनके यहां सीबीएसई की कोई क्लास नहीं लगती है। नोटिस की कोई उन्हें जानकारी नहीं है। बताया हमारा स्कूल दसवीं तक संचालित है। करीब 200 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हिंदी माध्यम से पढ़ाई के साथ हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और उर्दू विषय पढ़ाए जाते हैं। जब संचालक से दसवीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों का ऐसा प्रमाणपत्र दिखाने को कहा गया, जिसमें उनके मदरसा बोर्ड से उत्तीर्ण होने की पुष्टि हो, तो मौके पर कोई प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। संचालक ने यह भी कहा कि यह सीबीएसई बोर्ड का मदरसा नहीं है।
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि नोटिस की जानकारी सभी मदरसा संचालकों को भेज दी गई है। तत्काल सुधार न करने पर कार्रवाई निश्चित है, जो मदरसे वाले बोल रहे हैं कि सीबीएसई से संचालित नहीं है तो मदरसा बोर्ड का सिलेबस ही दिखा दें।