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Agra News: 27 साल में एक भी पुलिस कर्मी गवाही देने नहीं पहुंचा, आरोपी बरी
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आगरा। एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में 27 साल तक एक भी पुलिसकर्मी गवाही देने के लिए अदालत में हाजिर नहीं हुआ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-7 अनुज कुमार सिंह ने थाना ताजगंज के बरौली अहीर निवासी आरोपी मुन्ना को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है।
थाना सदर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार तत्कालीन उपनिरीक्षक आरके सिसौदिया ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 23 अगस्त 1999 को दरोगा पीएन राय, पुलिसकर्मी रमाशंकर, जगदीश सिंह व अन्य के साथ थाना क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। उस दौरान सूचना मिली कि राजपुर चुंगी के पास स्थित भांग के ठेके के बाहर खड़े होकर कुछ लोग अवैध चरस एवं शराब बेच रहे हैं। उन्होंने एसओजी के दरोगा संजीव कटियार , पुलिसकर्मी रामपाल, प्रदीप पचौरी, मान पाल सिंह और वेद प्रकाश को बुलाया और मौके पर पहुंचे। वहां से आरोपी मुन्ना व अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपी मुन्ना के कब्जे से 19 पुड़िया चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने मुकदमे में करीब एक दर्जन गवाह बनाए थे। अदालत के कई बार प्रतिकूल आदेश पारित करने के बाद भी एक भी पुलिसकर्मी गवाही देने हाजिर नहीं हुआ।
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थाना सदर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार तत्कालीन उपनिरीक्षक आरके सिसौदिया ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 23 अगस्त 1999 को दरोगा पीएन राय, पुलिसकर्मी रमाशंकर, जगदीश सिंह व अन्य के साथ थाना क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। उस दौरान सूचना मिली कि राजपुर चुंगी के पास स्थित भांग के ठेके के बाहर खड़े होकर कुछ लोग अवैध चरस एवं शराब बेच रहे हैं। उन्होंने एसओजी के दरोगा संजीव कटियार , पुलिसकर्मी रामपाल, प्रदीप पचौरी, मान पाल सिंह और वेद प्रकाश को बुलाया और मौके पर पहुंचे। वहां से आरोपी मुन्ना व अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपी मुन्ना के कब्जे से 19 पुड़िया चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने मुकदमे में करीब एक दर्जन गवाह बनाए थे। अदालत के कई बार प्रतिकूल आदेश पारित करने के बाद भी एक भी पुलिसकर्मी गवाही देने हाजिर नहीं हुआ।
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