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लापरवाही: आगरा के सरकारी दफ्तरों में कोविड हेल्प डेस्क बंद, बेरोक-टोक बिना मास्क जा रहे लोग
Wed, 01 Sep 2021 12:32 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 01 Sep 2021 12:32 PM IST
सार
आगरा में लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद शासन ने सरकारी दफ्तरों में कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब उनका पालन नहीं किया जा रहा। लोग बिना मास्क के कार्यालयों में पहुंच रहे हैं।
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आगरा: विकास भवन का हाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना खत्म होने से पहले ही सरकारी दफ्तरों में कोविड हेल्प डेस्क बंद हो गई हैं। थर्मल स्क्रीनिंग हो रही न पल्स ऑक्सीमीटर से जांच। बिना मास्क घूम रहे लोगों को टोका तक नहीं जा रहा। लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद शासन ने सरकारी दफ्तरों में कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए थे, उनका पालन नहीं किया जा रहा।
डेस्क है लेकिन कर्मचारी नहीं
विकास भवन,दोपहर 12:40 मिनट
मुख्य भवन के प्रवेश द्वार के बाहर कोविड हेल्प डेस्क खाली पड़ी है। कोविड गाइड लाइन का पालन करने के लिए कोई रोकटोक करने वाला भी नहीं है। बिना मास्क पहने महिलाएं, बुजुर्ग व सरकारी कर्मचारी धड़ल्ले से अंदर-बाहर आ-जा रहे हैं। भवन में अंदर भूतल पर ग्राम विकास अभिकरण परियोजना निदेशक का दफ्तर है, जो खाली पड़ा है। पहली मंजिल पर सीडीओ का चैंबर है। इस बिल्डिंग में 24 विभाग हैं। जिनमें 200 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 300 से 400 लोग रोज यहां आते हैं।
दलील: बन रहा है फर्नीचर
कोविड हेल्प डेस्क बंद नहीं हुई। अभी उस जगह नया फर्नीचर बन रहा है। वहीं रिसेप्शन बनेगा। कोविड हेल्प पर पूछताछ केंद्र बन जाएगा। - ए मनिकन्डन, मुख्य विकास अधिकारी
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डेस्क है लेकिन कर्मचारी नहीं
विकास भवन,दोपहर 12:40 मिनट
मुख्य भवन के प्रवेश द्वार के बाहर कोविड हेल्प डेस्क खाली पड़ी है। कोविड गाइड लाइन का पालन करने के लिए कोई रोकटोक करने वाला भी नहीं है। बिना मास्क पहने महिलाएं, बुजुर्ग व सरकारी कर्मचारी धड़ल्ले से अंदर-बाहर आ-जा रहे हैं। भवन में अंदर भूतल पर ग्राम विकास अभिकरण परियोजना निदेशक का दफ्तर है, जो खाली पड़ा है। पहली मंजिल पर सीडीओ का चैंबर है। इस बिल्डिंग में 24 विभाग हैं। जिनमें 200 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 300 से 400 लोग रोज यहां आते हैं।
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दलील: बन रहा है फर्नीचर
कोविड हेल्प डेस्क बंद नहीं हुई। अभी उस जगह नया फर्नीचर बन रहा है। वहीं रिसेप्शन बनेगा। कोविड हेल्प पर पूछताछ केंद्र बन जाएगा। - ए मनिकन्डन, मुख्य विकास अधिकारी
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निबंधन भवन का हाल
- फोटो : अमर उजाला
सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं, निबंधन भवन, दोपहर 12.00 बजे
सदर तहसील परिसर में स्थित निबंधन भवन में कोविड हेल्प डेस्क बंद हो चुकी हैं। दो मंजिला बिल्डिंग में छह कमरे हैं। जिनमें पांच उप निबंधन कार्यालय नहीं चल सकते। ऐसे में दो उप निबंधक के दफ्तर बाहर पुरानी तहसील बिल्डिंग में चल रहे हैं। किसी भी दफ्तर के गेट पर कोविड डेस्क नहीं है। रजिस्ट्री व बैनामा कराने आए लोगों की भीड़ है। बच्चे, महिलाएं व पुरुष बिना मास्क खड़े हैं। दो गज की दूरी का पालन नहीं हो रहा। यहां 70 से अधिक कर्मचारी हैं। करीब 700 से 800 लोग रोज आते हैं।
दलील: बंद नहीं कर सकते डेस्क
कोविड हेल्प डेस्क बंद नहीं कर सकते। कैसे बंद की गई। इस संबंध में सहायक निरीक्षक निबंधन से जवाब मांगा जाएगा। मैं कल स्वयं सत्यापन करने जाऊंगा। - योगेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
उपकरण खराब, कोई रोकटोक नहीं, जिलाधिकारी कार्यालय, पूर्वाह्न 11:35 बजे
कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर ही कोने के एक कक्ष में कोविड हेल्प डेस्क है। इसी में महिला हेल्प डेस्क भी बनी है। फरियादियों से लेकर कर्मचारी बिना मास्क आ-जा रहे हैं। कोई रोकटोक नहीं। डेस्क पर पड़ताल में पता चला कि पल्स ऑक्सीमीटर खराब है। तापमान जांचने को थर्मल स्कैनर भी नहीं। रजिस्टर रखा है, जिसमें 20 नाम 11 बजे तक दर्ज हैं। कलक्ट्रेट परिसर में 350 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। दो हजार से अधिक लोगों की रोज आवाजाही है।
दलील: स्वयं जागरूक बनें लोग
लोग स्वयं जागरूक बनें। कोविड हेल्प डेस्क चालू है। रजिस्टर में एंट्री होती है। उपकरण खराब हैं तो नए दिलाएंगे। लापरवाही की जांच के लिए स्वयं निरीक्षण करूंगा। - डॉ. प्रभाकांत अवस्थी, एडीएम सिटी
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सदर तहसील परिसर में स्थित निबंधन भवन में कोविड हेल्प डेस्क बंद हो चुकी हैं। दो मंजिला बिल्डिंग में छह कमरे हैं। जिनमें पांच उप निबंधन कार्यालय नहीं चल सकते। ऐसे में दो उप निबंधक के दफ्तर बाहर पुरानी तहसील बिल्डिंग में चल रहे हैं। किसी भी दफ्तर के गेट पर कोविड डेस्क नहीं है। रजिस्ट्री व बैनामा कराने आए लोगों की भीड़ है। बच्चे, महिलाएं व पुरुष बिना मास्क खड़े हैं। दो गज की दूरी का पालन नहीं हो रहा। यहां 70 से अधिक कर्मचारी हैं। करीब 700 से 800 लोग रोज आते हैं।
दलील: बंद नहीं कर सकते डेस्क
कोविड हेल्प डेस्क बंद नहीं कर सकते। कैसे बंद की गई। इस संबंध में सहायक निरीक्षक निबंधन से जवाब मांगा जाएगा। मैं कल स्वयं सत्यापन करने जाऊंगा। - योगेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
उपकरण खराब, कोई रोकटोक नहीं, जिलाधिकारी कार्यालय, पूर्वाह्न 11:35 बजे
कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर ही कोने के एक कक्ष में कोविड हेल्प डेस्क है। इसी में महिला हेल्प डेस्क भी बनी है। फरियादियों से लेकर कर्मचारी बिना मास्क आ-जा रहे हैं। कोई रोकटोक नहीं। डेस्क पर पड़ताल में पता चला कि पल्स ऑक्सीमीटर खराब है। तापमान जांचने को थर्मल स्कैनर भी नहीं। रजिस्टर रखा है, जिसमें 20 नाम 11 बजे तक दर्ज हैं। कलक्ट्रेट परिसर में 350 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। दो हजार से अधिक लोगों की रोज आवाजाही है।
दलील: स्वयं जागरूक बनें लोग
लोग स्वयं जागरूक बनें। कोविड हेल्प डेस्क चालू है। रजिस्टर में एंट्री होती है। उपकरण खराब हैं तो नए दिलाएंगे। लापरवाही की जांच के लिए स्वयं निरीक्षण करूंगा। - डॉ. प्रभाकांत अवस्थी, एडीएम सिटी
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