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दरियावगंज झील रूठे हैं विदेशी, पहुंच रहे स्वदेशी
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कासगंज फोटो दरियावगंज झील। फाइल फोटो
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। हिमालय क्षेत्र से आने वाले मेहमान परिंदे इस साल झील पर नहीं आए हैं। संभावना थी कि बारिश और कोहरे के बाद मौसम सर्द होगा। पारा गिरेगा तो विदेशी परिंदे आने लगेंगे, लेकिन अभी केवल स्वदेशी परिंदे ही झील पर पहुंच रहे हैं। इनकी भी संख्या काफी कम है।
वन विभाग का मानना था कि जब तेज कोहरा और तुषार गिरना शुरू हो जाएगा, तब अलग-अलग प्रजातियों के मेहमान परिंदे दरियावगंज झील पर पहुंचेंगे। क्योंकि पक्षियों को सर्द मौसम पसंद है। वैसे तो दिसंबर माह में ही लंबी उड़ानभर कर विदेशों से हजारों पक्षी दरियावगंज झील पर पहुंच जाते थे, लेकिन इस बार नहीं पहुंचे। पिछले दिनों बारिश हुई और लगातार कोहरा पड़ा। गलनभरी सर्दी रही। तब भी यहां विदेशी परिंदों का पहुंचना शुरू नहीं हुआ है। बारिश से सूखती झील में पानी भी भर गया है। तब भी यहां पक्षियों के कलरव का आकर्षण नहीं है।
इन प्रजातियों के आते परिंदे
पर्पल मोरेन, प्रोवाइन, हरनेड सहित विभिन्न प्रजातियों के पक्षी शुरूआत में ही पहुंचते थे, लेकिन अभी तक इन प्रजातियों के पक्षी भी नहीं पहुंच पाए हैं। यहां स्वदेशी पक्षी ही कलरव कर रहे हैं। वन विभाग भी यह नहीं समझ पा रहा कि आखिर मेहमान परिंदे क्यों रूठे हुए हैं।
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कैमरे में कैद नहीं हो पा रहे स्वदेशी
भले ही विदेशी पक्षी यहां झील पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन स्वदेशी पक्षी पहुंच रहे हैं। सबसे अहम बात है कि स्वदेशी पक्षियों का कलरव कैमरे में कैद नहीं हो पा रहा। क्योंकि इस झील पर बड़ी बड़ी झाड़ियां उग आई हैं और पक्षी झाड़ियों में छिपे रहते हैं। इसलिए वन विभाग उन्हें कैमरे में कैद नहीं कर पा रहा।
- विदेशी पक्षी अभी झील पर नहीं आए हैं। स्वदेशी पक्षी पहुंच रहे हैं। कोहरा और बारिश से मौसम सर्द हुआ तब भी पक्षी नहीं आए। पक्षियों का इंतजार है। दरियावगंज झील में झाडिय़ां होने के कारण स्वदेशी पक्षी कैमरे में कैद नहीं हो पा रहे। - हरि शुक्ला, डीएफओ।
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वन विभाग का मानना था कि जब तेज कोहरा और तुषार गिरना शुरू हो जाएगा, तब अलग-अलग प्रजातियों के मेहमान परिंदे दरियावगंज झील पर पहुंचेंगे। क्योंकि पक्षियों को सर्द मौसम पसंद है। वैसे तो दिसंबर माह में ही लंबी उड़ानभर कर विदेशों से हजारों पक्षी दरियावगंज झील पर पहुंच जाते थे, लेकिन इस बार नहीं पहुंचे। पिछले दिनों बारिश हुई और लगातार कोहरा पड़ा। गलनभरी सर्दी रही। तब भी यहां विदेशी परिंदों का पहुंचना शुरू नहीं हुआ है। बारिश से सूखती झील में पानी भी भर गया है। तब भी यहां पक्षियों के कलरव का आकर्षण नहीं है।
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इन प्रजातियों के आते परिंदे
पर्पल मोरेन, प्रोवाइन, हरनेड सहित विभिन्न प्रजातियों के पक्षी शुरूआत में ही पहुंचते थे, लेकिन अभी तक इन प्रजातियों के पक्षी भी नहीं पहुंच पाए हैं। यहां स्वदेशी पक्षी ही कलरव कर रहे हैं। वन विभाग भी यह नहीं समझ पा रहा कि आखिर मेहमान परिंदे क्यों रूठे हुए हैं।
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कैमरे में कैद नहीं हो पा रहे स्वदेशी
भले ही विदेशी पक्षी यहां झील पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन स्वदेशी पक्षी पहुंच रहे हैं। सबसे अहम बात है कि स्वदेशी पक्षियों का कलरव कैमरे में कैद नहीं हो पा रहा। क्योंकि इस झील पर बड़ी बड़ी झाड़ियां उग आई हैं और पक्षी झाड़ियों में छिपे रहते हैं। इसलिए वन विभाग उन्हें कैमरे में कैद नहीं कर पा रहा।
- विदेशी पक्षी अभी झील पर नहीं आए हैं। स्वदेशी पक्षी पहुंच रहे हैं। कोहरा और बारिश से मौसम सर्द हुआ तब भी पक्षी नहीं आए। पक्षियों का इंतजार है। दरियावगंज झील में झाडिय़ां होने के कारण स्वदेशी पक्षी कैमरे में कैद नहीं हो पा रहे। - हरि शुक्ला, डीएफओ।