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इन अस्पताल और पैथोलॉजी में मरीज लेकर आना मना है, स्वास्थ्य विभाग ने लगाई सील
Wed, 24 Apr 2019 03:04 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 24 Apr 2019 03:04 PM IST
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नर्सिंग होम में जांच के लिए जाता स्वास्थ्य विभाग
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग अवैध पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट की जांच करेगा। विभाग को आशंका है कि बिना डॉक्टर और टेक्नीशियन के जांच गड़बड़ हो सकती है। संबंधित चिकित्सक से भी इसकी जानकारी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आवास विकास कॉलोनी और कारगिल सिकंदरा स्थित डॉ. लाल पैथ लैब कलेक्शन सेंटर, पैथकाइंड लैब कलेक्शन सेंटर, क्लीनिकल पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर पर छापा मारा था। यह पंजीकृत नहीं थे, इनको सील किया गया।
यूपी एक्सरे एंड पैथोलॉजी लैब सेंटर अर्जुन नगर को भी सील किया गया। गुप्ता पैथोलॉजी सेंटर मानस नगर, आगरा एक्सरे एंड पैथोलॉजी लैब सेंटर साईं की तकिया, सिंघल पैथोलॉजी लैब आवास विकास कॉलोनी और चरक पैथोलॉजी लैब अर्जुन नगर पर रक्त संबंधी जांच पर रोक लगाई थी। इनमें डाक्टर और टेक्नीशियन नहीं मिले थे।
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स्वास्थ्य विभाग ने आवास विकास कॉलोनी और कारगिल सिकंदरा स्थित डॉ. लाल पैथ लैब कलेक्शन सेंटर, पैथकाइंड लैब कलेक्शन सेंटर, क्लीनिकल पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर पर छापा मारा था। यह पंजीकृत नहीं थे, इनको सील किया गया।
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यूपी एक्सरे एंड पैथोलॉजी लैब सेंटर अर्जुन नगर को भी सील किया गया। गुप्ता पैथोलॉजी सेंटर मानस नगर, आगरा एक्सरे एंड पैथोलॉजी लैब सेंटर साईं की तकिया, सिंघल पैथोलॉजी लैब आवास विकास कॉलोनी और चरक पैथोलॉजी लैब अर्जुन नगर पर रक्त संबंधी जांच पर रोक लगाई थी। इनमें डाक्टर और टेक्नीशियन नहीं मिले थे।
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ऐसे में यहां रक्त संबंधी बीमारियों की जांच कौन करता था, कौन यहां मरीजों को भेजते थे, इसकी रिपोर्ट मांगी जा रही है। मरीजों के पर्चे पर दर्ज डाक्टरों से भी पूछताछ की जाएगी।
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि बिना टेक्नीशियन और डॉक्टरों के जांच कैसे हो रही थी। इसकी पड़ताल की जा रही है। मरीजों के पर्चे और रिपोर्ट की जांच की जाएगी।
बताया गया है कि ये लैब संचालक मोटी कमाई कर रहे थे। इस खेल में डॉक्टर और झोलाछाप भी शामिल हैं। कमीशन के खेल के चलते मरीजों को यहां जांच के लिए भेजा जाता था। इनसे पूरी फीस ली जाती, लेकिन जांच के लिए यहां डाक्टर और टेक्नीशियन ही नहीं थे। इससे मरीजों के साथ इलाज में खिलवाड़ करने के साथ ही इनसे आर्थिक लूट भी कर रहे थे।
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि बिना टेक्नीशियन और डॉक्टरों के जांच कैसे हो रही थी। इसकी पड़ताल की जा रही है। मरीजों के पर्चे और रिपोर्ट की जांच की जाएगी।
बताया गया है कि ये लैब संचालक मोटी कमाई कर रहे थे। इस खेल में डॉक्टर और झोलाछाप भी शामिल हैं। कमीशन के खेल के चलते मरीजों को यहां जांच के लिए भेजा जाता था। इनसे पूरी फीस ली जाती, लेकिन जांच के लिए यहां डाक्टर और टेक्नीशियन ही नहीं थे। इससे मरीजों के साथ इलाज में खिलवाड़ करने के साथ ही इनसे आर्थिक लूट भी कर रहे थे।