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'विदेशी नटवर लाल': आया था पढ़ाई के लिए, करने लगा ठगी, ऐसे बंटता था ठगी का पैसा

Wed, 17 Jul 2019 11:12 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 17 Jul 2019 11:12 AM IST
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Nigerian Andrew Daniel Farud Case Story Crime News
आरोपी नाइजीरियन युवक - फोटो : अमर उजाला
एंड्यू डेनियल स्टूडेंट वीजा पर नाइजीरिया से आया था बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई करने के लिए। मुंबई के एक कॉलेज में दाखिला भी लिया था लेकिन, कुछ ही दिनों में वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया। इसके बाद पढ़ाई को छोड़कर जुर्म की जो राह पकड़ी, उस पर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके गिरोह में 20 से भी ज्यादा शातिर ठग हैं। ये मुंबई, राजस्थान के हैं। 
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31 वर्षीय एंड्यू डेनियल के पास से मिले एक मोबाइल फोन से थोक में एसएमएस भेजे जाते थे। दूसरे मोबाइल से ई-मेल किए जाते थे। ये लोग तरह-तरह के लालच देते हैं। 
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किसी को पांच आसान से सवाल भेजे देते हैं, कहते हैं कि यह ऑनलाइन केबीसी है, जवाब मिलते ही कहते हैं कि आप एक करोड़ जीत गए, टीडीएस का 30 लाख बताए गए खाते में जमा करा दो। जो जाल में फंसा, वो डूबा।
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ठगी का पैसा तीन हिस्सों में बंटता है। 40 फीसदी एंड्यू लेता है। वह जाल बिछाता है। 20 फीसदी राजस्थान के उसके साथी लेते हैं। इनके बैंक खाते इस्तेमाल किए जाते हैं। 40 फीसदी मुंबई के साथी लेते हैं। ये लोग ठगी के लिए शिकार से संपर्क करते हैं, उसके घर जाते हैं, उससे मुलाकात करते हैं।

ऐसे फंसाते हैं जाल
1.
फेसबुक पर विदेशी युवक या युवती बनकर दोस्ती करते हैं, फिर झांसा देते हैं कि आपको डायमंड सेट या कोई और महंगा उपहार भेजा है। कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर बताए गए खाते में रकम जमा कराने के लिए कहते हैं।

2. कुछ आसान सवाल भेजकर जवाब लेते हैं और कहते हैं कि आप बड़ी रकम (50 लाख, एक करोड़) जीत गए, इसके बाद टीडीएस का पैसा मांगते हैं।

3. घर बैठे बिजनेस कराएंगे, ऑनलाइन ऑर्डर दिलाएंगे, सामान मंगाने के लिए बताए गए खाते में पैसा जमा कराएं। जिसने पैसा जमा किया, वह पछताया। 

4. आपके बेटे को विदेश में कॉलेज में दाखिला दिला देंगे, कॉलेज की डिटेल भेज देंगे, ठग का नंबर देकर कह देंगे कि यह कॉलेज के अधिकारी का है, दाखिले की रकम जमा कराने के लिए खाता संख्या बता देंगे, जैसे ही किसी ने पैसा जमा किया, वैसे ही फोन बंद।

वीजा अवधि पूरी होने के बाद भी नहीं लौटा
एंड्यू डेनियल के वीजा की अवधि 2015 में ही पूरी हो गई थी। इसे उसने बढ़वाया नहीं। अवैध रूप से ही ठिकाने बदल बदलकर नई दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम, राजस्थान में रहता रहा और ठगी करता रहा।

जाल बिछाकर पकड़ा ठग को
इस केस के खुलासे में रेंज साइबर सेल के इंस्पेक्टर शैलेष कुमार सिंह, एचसीपी देवेंद्र पाल, विशाल भदौरिया, इंद्रदेव, सुशील कुमार, श्यामवीर, जितेंद्र की भूमिका रही।

टीम ने उसी ई मेल को ट्रेस किया जो फ्रॉड के लिए भेजा गया। एंड्यू का मोबाइल नंबर हासिल कर लोकेशन ट्रेस की। उससे मिलने का समय मांगा और उसके ठिकाने पर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने खुलासे में शामिल टीम को 25 हजार के पुरस्कार की घोषणा की है।
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