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मानवाधिकार आयोग ने लिया मजदूर मां के दर्द का संज्ञान, मुख्य सचिव और आगरा के डीएम को नोटिस
Sat, 16 May 2020 11:12 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 16 May 2020 11:12 AM IST
सार
- सूटकेस पर बेटे लिटाकर मां ने पैदल तय किया था सफर
- मानवाधिकार आयोग ने इसे मानवाधिकारों का हनन बताया
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सूटकेस पर लेटा मासूम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लॉकडाउन में सूटकेस बैग पर मासूम बेटे को लिटाकर उसे खींचते हुए पैदल जाने वाली मां के मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव और आगरा के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर उनसे चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। इसके अलावा अन्य मामलों पर भी चिंता जताई है।
यह मामला आगरा के एमजी रोड का है। 13 मई को पंजाब से पैदल आया प्रवासी श्रमिकों का दल यहां से गुजरा। इसमें शामिल एक महिला अपने मासूम बेटे को ट्रॉली बैग पर लिटाकर उसे खींचते हुए ले जा रही थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और स्थानीय प्रशासन की जमकर फजीहत हुई।
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यह मामला आगरा के एमजी रोड का है। 13 मई को पंजाब से पैदल आया प्रवासी श्रमिकों का दल यहां से गुजरा। इसमें शामिल एक महिला अपने मासूम बेटे को ट्रॉली बैग पर लिटाकर उसे खींचते हुए ले जा रही थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और स्थानीय प्रशासन की जमकर फजीहत हुई।
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अन्य मामलों पर भी चिंता जताई
अब इस मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लेते हुए इसे मानवाधिकारों का हनन बताया है। आयोग ने कहा है कि पंजाब से होकर झांसी जा रही महिला द्वारा अपने बच्चे को सूटकेस पर रख तक घसीटते हुए ले जाए जाने का तथ्य सामने आया है। इसके अलावा भी कई मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
आयोग ने कहा है कि यह चिंता का विषय है कि इस महिला व उसके बच्चे की तकलीफ को स्थानीय अधिकारियों को छोड़ बाकी सब समझ रहे हैं। इस मामले में आयोग ने नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने यह भी पूछा है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए।
आयोग ने कहा है कि यह चिंता का विषय है कि इस महिला व उसके बच्चे की तकलीफ को स्थानीय अधिकारियों को छोड़ बाकी सब समझ रहे हैं। इस मामले में आयोग ने नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने यह भी पूछा है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए।