आगरा: बाजार में छाए कम वजन के नए डिजाइन वाले आभूषण, सोने के साथ डायमंड भी पसंद
कारोबारियों का मानना है कि कोरोना संक्रमण काल के बावजूद आभूषणों के प्रति लोगों का क्रेज कम नहीं हुआ है।
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आगरा में कोरोना से उबरे सराफा बाजार में सहालग के आखिरी दौर में भी ग्राहकों की आमद में कोई कमी नहीं आई है। सीजन में कई तरह के ऑफर भी दिए गए, इससे भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कारोबारियों का कहना है कि कम वजन की डिजाइनर आभूषण की डिमांड ज्यादा रही है।
सराफा कारोबारियों का मानना है कि कोरोना संक्रमण काल के बावजूद आभूषणों के प्रति लोगों का क्रेज कम नहीं हुआ है। हालांकि इस सीजन में ज्यादा खरीदारी शादियों की रही है। जून के बाद जुलाई में भी औसत से ज्यादा कारोबार हुआ है।
हॉलमार्क नियम आने के बाद बड़े सराफ के साथ छोटे सराफ भी आभूषणों की गुणवत्ता की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं। ग्राहकों को हॉलमार्क वाले जेवरात ही दिए जा रहे हैं। बाजार में खरीदार हैं और उनका रुझान भी अच्छा दिखाई दे रहा है।
सोने के आभूषणों की मांग अधिक
लक्ष्मणदास ज्वैलर्स के प्रोपराइटर राजेश हेमदेव ने कहा कि संक्रमण के एक माह बाद बाजार पाबंदियों के साथ खुला तो ग्राहकों की आमद में कमी नहीं आई। शादियों के लिए की गई खरीद में ज्यादातर सोने के आभूषणों की मांग रही। इनमें भी हल्के और डिजाइनर आभूषण की डिमांड ज्यादा रही है। बाजार में खरीदार हैं और उनका रुझान भी अच्छा दिखाई दे रहा है। निवेश के लिए भी सोने की खरीदारी हो रही है।
निवेश करने को भी सोने की खरीद
कनक सानवी के प्रोपराइटर सतेंद्र बंसल ने कहा कि बाजार में खरीदारों की कमी नहीं है। लॉकडाउन खुलने के बाद से ही सहालग का सीजन चल रहा है, ऐसे में लोगों ने सोने व लाइट डायमंड के गहनों की खरीद की। अभी दीवाली के लिए भले ही योजना नहीं है लेकिन खरीदार मार्केट में पहुंच रहे हैं। पूरे सहालग के दौरान अच्छी खरीदारी हुई है। सोने को लोग निवेश के लिए भी खरीद रहे हैं।
सहालग में दिए आभूषणों पर ऑफर
दिनेश ज्वैलर्स के प्रियांक गुप्ता ने कहा कि सहालग के दौरान सोने के आभूषण की मेकिंग पर 25 फीसदी की छूट का ऑफर दिया। इसी तरह डायमंड ज्वैलरी पर एमआरपी पर 25 फीसदी की छूट दी। बाजार खुलने के बाद सराफा मार्केट में रेस्पांस अच्छा रहा। सहालग का सीजन होने के कारण इस दफा मार्केट में नई उम्मीद जागी है। ऑफर ने भी खरीदारी को बढ़ाया है।
तनिष्क के अनुराग बंसल ने कहा कि सराफा का बाजार में सहालग के दौरान ग्राहकों को छूट दी गईं। ज्यादातर लोगों ने शादियों की खरीदारी की। इसमें भी परंपरागत आभूषणों की मांग अधिक रही। लोगों ने चूड़ी, हार, मंगलसूत्र जैसे गहनों की खरीदारी की। आने वाले समय में भी सोना खरीदने के प्रति लोगों का क्रेज दिखाई दे रहा है। तीन माह का सीजन अच्छा गुजरा है। उम्मीद बढ़ी है।
सोने के साथ डायमंड भी पसंद
लाला काशीनाथ ज्वैलर्स के अच्युत सेठ ने कहा कि बजट के मुताबिक लोग सोने व डायमंड के आभूषण खरीद रहे हैं। इस बार कोई ऑफर नहीं दिया था लेकिन बाजार में सहालग के लिए परंपरागत गहनों की खरीद की गई। हमारे यहां बरसों से लोग भरोसे के साथ आते हैं। बाजार में खरीदारों की कमी नहीं है। दीवाली तक मार्केट में बूम आएगा। बाजार में उम्मीद जगी है।
खरीदारों ने ऑफर्स का उठाया फायदा
ओपी ज्वैलर्स के हरि बंसल ने कहा कि सहालग के सीजन को देखते हुए कई तरह के ऑफर दिए गए। इसका फायदा भी खरीदारों ने उठाया। कोरोना संक्रमण के बाद भी इस सीजन में अच्छा रेस्पांस मिला है। तीसरी लहर की आशंका है मगर सहालग और निवेश के लिए भी सोने की खरीद की जा रही है।
आभूषण ज्वैलर्स के डायरेक्टर आनंद प्रकाश ने कहा कि ज्वैलरी इंडस्ट्री में पिछले 10-15 साल से व्यापक परिवर्तन हुए हैं। आभूषण ज्वैलर्स, आगरा ने सभी परिवर्तन को समय से अपनाया है। सोने की ज्वैलरी की हॉलमार्किंग, डायमंड का सर्टिफिकेशन, कैरेट मीटर से ज्वैलरी की परख, इन सब से पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्राहकों का रुझान सोने व डायमंड की ज्वैलरी की ओर बढ़ा है। डिजाइन में निरंतर नयापन लाकर नई उम्र के ग्राहकों को गहनों की तरफ आकर्षित किया है।
जरूरत के अलावा भी खरीदारी हो रही
शोभराज लाल चंद के देवेंद्र नागवानी ने कहा कि इस बार लॉकडाउन के बाद मार्केट खुला तो सहालग का सीजन चल रहा था। ऐसे में मार्केट में सभी तरह की ज्वैलरी की डिमांड रही। आने वाले दिनों में भी बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। जरूरत के अलावा भी लोग डायमंड और गोल्ड के आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं। यह अच्छा निवेश भी है।