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'ममता का खौफनाक चेहरा: बेरहम मां की करतूत, कूड़े के ढेर पर नवजात तड़पती हुई मिली
Sun, 19 Feb 2023 02:50 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 19 Feb 2023 02:50 PM IST
सार
राहगीरों को कूड़े के ढेर पर नवजात पड़ी हुई मिली। लोगों का कहना है कि किसी कलयुगी महिला ने लोकलाज के डर से बच्चे को जन्म देकर फेंक दिया है।
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मौके पर लगी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुनिया में कदम रखते ही एक बिटिया को मां का आंचल नसीब नहीं हुआ। उसके साथ दुश्मनों जैसा सलूक किया गया। गोद की जगह उसे कांटों में फेंक दिया गया। उसे कुत्ते निवाला बनाने वाले थे कि भाई-बहन ने बिलखती मासूम की पुकार सुन ली। बहन ने बिटिया को अपनी गोद में उठा लिया। भाई ने पुलिस को मदद के लिए बुला लिया। पुलिस आई दोनों को शाबासी दी। बच्ची को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। मौके पर जुटे लोग कभी मां तो कभी उन हालात को कोस रहे थे, जिसमें उसे मौत के मुंह में धकेल दिया गया।
घटना रविवार दोपहर दो बजे की है। विनोद विहार, प्रकाश पुरम निवासी हिमेश और उसकी बहन सीनू पैदल बाजार जा रहे थे। जीवन नगर के रास्ते में कूड़े के ढेर के पास दो कुत्ते भौंक रहे थे। सीनू की नजर गई। तभी उसे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। वह दौड़ पड़ी। कांटों के बीच कूड़े में पड़े एक कपड़े से रोने की आवाज आ रही थी। कपड़ा हटाते ही उसकी चीख निकल गई।
हिमेश ने बताया कि नवजात बच्ची की नाल भी नजर आ रही थी। कांटों की वजह से कई जगह घाव भी हो गए थे। सीनू ने उसे गोद में उठाया। पास ही एक रिक्शा खड़ा हुआ था। उसके पास लेकर गईं। उस पर बिटिया को गोद में लेकर चुप किया। तभी कुछ लोग आ गए। भीड़ लगने पर हिमेश ने पुलिस को सूचना दी।
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सीसीटीवी कैमरे से होगी पहचान
नवजात के मिलने की जानकारी पर पहले पीआरवी मौके पर पहुंची थी। बाद में थाना ट्रांसयमुना के एसआई सत्यभान पहुंच गए। उन्होंने नवजात को देखकर इलाज कराने में देरी नहीं की। उसे ट्रांसयमुना कालोनी स्थित निजी अस्पताल में ले गए। बच्ची को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस का पहला काम बच्ची का उपचार कराना था। डाॅक्टर भी अपनी तरफ से हर संभव प्रयास में लगे हैं। आशंका है कि बच्ची को जन्म लेने के कुछ देर बाद ही फेंक दिया गया। आसपास कई सारे अस्पताल हैं। इनमें प्रसव भी होते हैं। रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे। बच्ची को कौन फेंककर गया, पता किया जाएगा। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
यशोदा बनने के लिए बेताब हुईं कई मां जन्म देने वाली मां की गोद से मासूम बच्ची महरूम हो गई, लेकिन कई मां ऐसी भी थी जो उसे गोद मेें उठाने के लिए बेताब हो गईं। उसे दुलार करना चाहती थी तो अपने आंचल में लेना चाहती थीं। यशोदा बनकर अपनी बिटियां बनाने को तैयार थीं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया ने हाथ रोक दिया।
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घटना रविवार दोपहर दो बजे की है। विनोद विहार, प्रकाश पुरम निवासी हिमेश और उसकी बहन सीनू पैदल बाजार जा रहे थे। जीवन नगर के रास्ते में कूड़े के ढेर के पास दो कुत्ते भौंक रहे थे। सीनू की नजर गई। तभी उसे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। वह दौड़ पड़ी। कांटों के बीच कूड़े में पड़े एक कपड़े से रोने की आवाज आ रही थी। कपड़ा हटाते ही उसकी चीख निकल गई।
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हिमेश ने बताया कि नवजात बच्ची की नाल भी नजर आ रही थी। कांटों की वजह से कई जगह घाव भी हो गए थे। सीनू ने उसे गोद में उठाया। पास ही एक रिक्शा खड़ा हुआ था। उसके पास लेकर गईं। उस पर बिटिया को गोद में लेकर चुप किया। तभी कुछ लोग आ गए। भीड़ लगने पर हिमेश ने पुलिस को सूचना दी।
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सीसीटीवी कैमरे से होगी पहचान
नवजात के मिलने की जानकारी पर पहले पीआरवी मौके पर पहुंची थी। बाद में थाना ट्रांसयमुना के एसआई सत्यभान पहुंच गए। उन्होंने नवजात को देखकर इलाज कराने में देरी नहीं की। उसे ट्रांसयमुना कालोनी स्थित निजी अस्पताल में ले गए। बच्ची को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस का पहला काम बच्ची का उपचार कराना था। डाॅक्टर भी अपनी तरफ से हर संभव प्रयास में लगे हैं। आशंका है कि बच्ची को जन्म लेने के कुछ देर बाद ही फेंक दिया गया। आसपास कई सारे अस्पताल हैं। इनमें प्रसव भी होते हैं। रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे। बच्ची को कौन फेंककर गया, पता किया जाएगा। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
यशोदा बनने के लिए बेताब हुईं कई मां जन्म देने वाली मां की गोद से मासूम बच्ची महरूम हो गई, लेकिन कई मां ऐसी भी थी जो उसे गोद मेें उठाने के लिए बेताब हो गईं। उसे दुलार करना चाहती थी तो अपने आंचल में लेना चाहती थीं। यशोदा बनकर अपनी बिटियां बनाने को तैयार थीं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया ने हाथ रोक दिया।