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ताजमहल में नमाज मामले को लेकर हुई बैठक में भड़काऊ भाषण, भिड़े मुस्लिम नेता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:25 AM IST
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ताज में नमाज मामले को लेकर हुई बैठक में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में केवल जुमे की नमाज अदा करने को लेकर एएसआई के आदेश के खिलाफ शुक्रवार को ताजगंज में तांगा स्टैंड पर शहर के मुस्लिम संगठनों ने बैठक की। इसमें तय किया गया कि 12 नवंबर को एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उनसे सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश मांगा जाएगा, जिसमें कथित रूप से ताज में नमाज पर पाबंदी लगाई गई है। हालांकि बैठक खत्म होने से पहले ही मुस्लिम नेता आपस में भिड़ गए। भड़काऊ भाषणों के खिलाफ कई लोगों ने आपत्ति की, जिस पर हंगामा हो गया।
बैठक में हिंदुस्तान बिरादरी के डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि एएसआई से वार्ता कर पहले सभी बातें स्पष्ट करने की जरूरत है। शांति से सभी मुद्दों पर बात की जाए और सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने पर उसका पालन किया जाए।
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उनसे सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश मांगा जाएगा, जिसमें कथित रूप से ताज में नमाज पर पाबंदी लगाई गई है। हालांकि बैठक खत्म होने से पहले ही मुस्लिम नेता आपस में भिड़ गए। भड़काऊ भाषणों के खिलाफ कई लोगों ने आपत्ति की, जिस पर हंगामा हो गया।
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बैठक में हिंदुस्तान बिरादरी के डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि एएसआई से वार्ता कर पहले सभी बातें स्पष्ट करने की जरूरत है। शांति से सभी मुद्दों पर बात की जाए और सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने पर उसका पालन किया जाए।
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भड़काऊ भाषण पर हंगामा
इस बैठक में हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी ने एएसआई के आदेश पर सवाल खड़े किए। बैठक में कई वक्ताओं ने बेहद भड़काऊ भाषण दिए, जिनकी रिकार्डिंग भी स्थानीय खुफिया पुलिस द्वारा की गई है। इन भड़काऊ बोल के ही खिलाफ बैठक में हंगामा हो गया, जिसके बाद बैठक खत्म हो गई।
बैठक में मौजूद ज्यादातर मुस्लिमों का मानना था कि ताजमहल में नमाज मामले का कुछ लोग निजी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। ताज में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अपने आर्थिक फायदे के लिए उन्होंने इस मसले को उलझा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचने के बाद अब इस मामले में फूंक फूंक कर कदम उठाने की जरूरत है। बैठक के बाद कई मुस्लिम नेताओं का मानना था कि मामले को ज्यादा तूल दिया गया और दबाव बनाया गया तो शुक्रवार की नमाज के लिए खान ए आलम नर्सरी वाले गेट से प्रवेश भी शुरू हो सकता है।
बैठक में मौजूद ज्यादातर मुस्लिमों का मानना था कि ताजमहल में नमाज मामले का कुछ लोग निजी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। ताज में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अपने आर्थिक फायदे के लिए उन्होंने इस मसले को उलझा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचने के बाद अब इस मामले में फूंक फूंक कर कदम उठाने की जरूरत है। बैठक के बाद कई मुस्लिम नेताओं का मानना था कि मामले को ज्यादा तूल दिया गया और दबाव बनाया गया तो शुक्रवार की नमाज के लिए खान ए आलम नर्सरी वाले गेट से प्रवेश भी शुरू हो सकता है।