मथुरा: सरेशाम गला काटकर महिला डॉक्टर की हत्या, पुलिस के हाथ लगे महत्वपूर्ण सुराग
शहर की पॉश कालोनी राधापुरम एस्टेट में शुक्रवार शाम को महिला फिजियोथेरेपिस्ट की गला काटकर हत्या कर दी गई। हत्यारा खून से सना चाकू और अपना कपड़ों से भरा काला बैग घर में ही छोड़कर भाग गया है। हत्या क्यों की गई यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है। घर में लूट जैसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
हाईवे से लगी कालोनी राधापुरम एस्टेट में डॉक्टर संजीव अग्रवाल कोठी नंबर 1/19 में किराये पर रहते हैं। कोठी अर्चना दत्ता की है। संजीव अग्रवाल फिजिशियन हैं, जबकि उनकी पत्नी खुशबू अग्रवाल (35) फिजियोथेरेपिस्ट थीं। खुशबू अग्रवाल किराए के मकान में ही सेंटर चलाती थीं, जबकि संजीव अग्रवाल का क्लीनिक टाउनशिप और राया में है। संजीव अग्रवाल रोजमर्रा की तरह सुबह नौ बजे क्लीनिक पर चले गए थे। घर पर उनकी पत्नी खुशबू अग्रवाल और 12 साल की बेटी सानवी थी।
शाम करीब सात बजे सानवी खेलने के लिए पड़ोस में चली गई। घर का दरवाजा खुला था। इसी दौरान एक बदमाश मकान में घुस आया और सीधे पहली मंजिल पर पहुंच गया। यहां बदमाश ने खुशबू अग्रवाल पर चाकू से कई वार कर दिए। गले पर भी चाकू मारा गया। खुशबू अग्रवाल ने संघर्ष भी किया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। बेटी सानवी भी दौड़कर पहुंच गई। तब तक खुशबू अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। बदमाश खून से सना चाकू और कपड़ों से भरा बैग मौके पर छोड़कर भाग गया। सूचना पाकर एसएसपी बबलू कुमार मौके पर पहुंचे।
एडीजी और आईजी ने लिया घटनास्थल का जायजा
एडीजी और आईजी भी पहुंचे
घटना के बाद मथुरा-एडीजी अजय आनंद और आइजी राजा श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम को देखकर दोनों अफसरों ने मृतका डॉक्टर खुशबू अग्रवाल की बेटी सानवी से पूछताछ करके पूरी जानकारी जुटाई। रविवार तक हत्याकांड का खुलासा करने का समय दिया गया। इसके लिए हाईवे पुलिस समेत चार टीमें लगाई गई हैं। शुरुआत में पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं, पर पुलिस खुलासा नहीं कर रही।
लूट का मामला नहीं लगता
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि मामला लूट का नहीं लग रहा। जिस तरह से घटना हुई है, उससे साफ है कि हत्या करने के लिए ही वह आया था। जल्द ही हकीकत से पर्दा हट जाएगा।
बदमाश ने किए कई वार
खुशबू अग्रवाल पर चाकू से कई वार किए गए। कमरे में फर्श पर खून ही खून बिखरा था। खुशबू फर्श पर पड़ी थीं। शरीर पर जिस तरह वार किए गए हैं, उससे लग रहा है कि बदमाश को किसी का खौफ नहीं था।