{"_id":"5fa0505a8ebc3eefb87df9fe","slug":"murder-case-bjp-leader-tundla-news-agr466452726","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्याकांड में निर्दोषों की रिहाई असत्य पर सत्य की विजय-देवेन्द्र तोमर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्याकांड में निर्दोषों की रिहाई असत्य पर सत्य की विजय-देवेन्द्र तोमर
विज्ञापन
टूंडला के गांव रतीगढ़ी में जानकारी देते रिहा हुआ परिवार
- फोटो : TUNDLA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टूंडला (फिरोजाबाद)। नगला बीच में भाजपा नेता की हत्या के मामले में नामजद एक ही परिवार के तीन सदस्यों के पुलिस की जांच में निर्दोष पाए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सोमवार को रिहा हुए देवेंद्र सिंह तोमर ने प्रेसवार्ता कर हत्याकांड के खुलासे पर पुलिस प्रशासन व शासन का आभार जताया। उन्होंने इसे असत्य पर सत्य की जीत बताया।
देवेंद्र ने कहा कि उनके परिवार के किसी से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन भेद नहीं हैं। उनके कुछ विरोधियों ने षड़यंत्र रचकर उन्हें व उनके भाई और भतीजे को झूठा फंसाया था। पुलिस ने षड़यंत्रकारियों को बेनकाब कर दिया जिससे उन्हें व उनके भाई-भतीजे को रिहाई मिली। उन्होंने पुलिस प्रशासन, क्षत्रिय समाज व सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
यह था मामला
नगला बीच के भाजपा मंडल उपाध्यक्ष दयाशंकर गुप्ता की 16 अक्तूबर को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई ने रतिगढ़ी निवासी भाजपा से जुड़े संगठन के जिला स्तरीय पदाधिकारी वीरेश तोमर के खिलाफ हत्या व उनके चाचा सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र सिंह तोमर और प्रधानपति नरेंद्र तोमर के विरुद्ध षड़यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की जांच की तो हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक भाजपा नेता का पड़ोसी ईश्वर देव गुप्ता निकला। पुलिस ने खुलासे के बाद हत्योरापी सात लोगों को जेल भेजा दिया। साथ ही पहले जेल भेजे तीनों आरोपियों को रिहा कराने की कार्यवाही की।
ऐसे मामलों में पुलिस निर्दोषों को बचाने के लिए सीआरपीसी के तहत कोर्ट में 169 की कार्यवाही करती है। इसमें भी ऐसा ही किया। इस पर कोर्ट ने तीनों को रिहा कर दिया है। उनके खिलाफ आगे अब कोई मामला नहीं चलेगा।
- देवेंद्र कुमार, सीओ टूंडला।
घर जाकर दीं शुभकामनाएं
तीनों परिजनों की रिहाई पर उनके शुभचिंतक उनके आवास पर पहुंच गए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। राजवीर सिंह चैहान, उदयप्रताप सिंह, जवाहर सिंह जादौन, अरविंद सिंह, मानपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह जादौन, सत्यनरायन सिंह, दिग्विजय सिंह, रामबाबू सिंह परमार, अजय प्रताप सिसौदिया, विजेंद्र पाल सिंह जादौन, शेर सिंह तोमर आदि रहे। क्षत्रिय महासभा के कर्नल सुरेश धाकरे, योगेंद्र सिसोदिया, अशोक धाकरे, डॉ. विनोद बैस, इंद्रजीत सिंह गिन्नी, पंकज परमार, ब्रजपाल सिंह परमार, डीपी सिंह, अनिल धाकरे, हितेंद्र सिंह जादौन, राजेश बैस, राकेश सेंगर, आरएस चौहान आदि ने खुशी जताई है।
विज्ञापन
देवेंद्र ने कहा कि उनके परिवार के किसी से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन भेद नहीं हैं। उनके कुछ विरोधियों ने षड़यंत्र रचकर उन्हें व उनके भाई और भतीजे को झूठा फंसाया था। पुलिस ने षड़यंत्रकारियों को बेनकाब कर दिया जिससे उन्हें व उनके भाई-भतीजे को रिहाई मिली। उन्होंने पुलिस प्रशासन, क्षत्रिय समाज व सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
विज्ञापन
यह था मामला
नगला बीच के भाजपा मंडल उपाध्यक्ष दयाशंकर गुप्ता की 16 अक्तूबर को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई ने रतिगढ़ी निवासी भाजपा से जुड़े संगठन के जिला स्तरीय पदाधिकारी वीरेश तोमर के खिलाफ हत्या व उनके चाचा सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र सिंह तोमर और प्रधानपति नरेंद्र तोमर के विरुद्ध षड़यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की जांच की तो हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक भाजपा नेता का पड़ोसी ईश्वर देव गुप्ता निकला। पुलिस ने खुलासे के बाद हत्योरापी सात लोगों को जेल भेजा दिया। साथ ही पहले जेल भेजे तीनों आरोपियों को रिहा कराने की कार्यवाही की।
ऐसे मामलों में पुलिस निर्दोषों को बचाने के लिए सीआरपीसी के तहत कोर्ट में 169 की कार्यवाही करती है। इसमें भी ऐसा ही किया। इस पर कोर्ट ने तीनों को रिहा कर दिया है। उनके खिलाफ आगे अब कोई मामला नहीं चलेगा।
- देवेंद्र कुमार, सीओ टूंडला।
घर जाकर दीं शुभकामनाएं
तीनों परिजनों की रिहाई पर उनके शुभचिंतक उनके आवास पर पहुंच गए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। राजवीर सिंह चैहान, उदयप्रताप सिंह, जवाहर सिंह जादौन, अरविंद सिंह, मानपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह जादौन, सत्यनरायन सिंह, दिग्विजय सिंह, रामबाबू सिंह परमार, अजय प्रताप सिसौदिया, विजेंद्र पाल सिंह जादौन, शेर सिंह तोमर आदि रहे। क्षत्रिय महासभा के कर्नल सुरेश धाकरे, योगेंद्र सिसोदिया, अशोक धाकरे, डॉ. विनोद बैस, इंद्रजीत सिंह गिन्नी, पंकज परमार, ब्रजपाल सिंह परमार, डीपी सिंह, अनिल धाकरे, हितेंद्र सिंह जादौन, राजेश बैस, राकेश सेंगर, आरएस चौहान आदि ने खुशी जताई है।