{"_id":"6155fa078ebc3e61f33ec66a","slug":"mukhtar-ansari-appears-before-court-through-video-conferencing-charge-frame-on-eight-october","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा : मुख्तार अंसारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी, आठ को होंगे आरोप तय, जेल में हत्या की जताई आशंका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा : मुख्तार अंसारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी, आठ को होंगे आरोप तय, जेल में हत्या की जताई आशंका
Thu, 30 Sep 2021 11:25 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 30 Sep 2021 11:25 PM IST
सार
मुख्तार अंसारी ने अपनी हत्या की आशंका जाहिर करते हुए कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवि अरोरा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
मुख्तार अंसारी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्पेशल जज (एमपी-एमएलए) नीरज गौतम की कोर्ट में पेशी हुई। मुख्तार अंसारी की ओर से पिछली तिथि पर प्रस्तुत डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र खारिज होने के बाद आरोप तय होने के लिए तिथि नियत थी। एडीजीसी शशि शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर चार्ज से पूर्व केस डायरी का अवलोकन के लिए दो दिन का समय मांगा। कोर्ट ने एडीजीसी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए आठ अक्तूबर की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
जेल में हत्या की आशंका जताई, सुरक्षा की गुहार
मुख्तार अंसारी ने अपनी हत्या की आशंका जाहिर करते हुए कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवि अरोरा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेषवश मुकदमे दर्ज कराए जाते रहे हैं। वह बांदा जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
जेल में बिना लिखा-पढ़ी के लोग आ रहे
आगरा में मुकदमा विचाराधीन होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होती है। उन्होंने आशंका जताई कि शासन व जेल प्रशासन उनकी हत्या कराने की कोशिश कर रहे हैं। जेल में बिना लिखा-पढ़ी के लोग आ रहे हैं। इसकी पुष्टि गेट की जीडी, सीसीटीवी फुटेज और गेट बुक से की जा सकती है। उन्होंने गेट बुक और सीसीटीवी फुटेज दिलाने का भी आग्रह किया।
विज्ञापन