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Agra: हथियारों के जखीरे से आज भी लैस है चंबल की घाटी, जानिए बाह और पिनाहट में कितने हैं लाइसेंसी शस्त्र
Wed, 07 Dec 2022 03:00 PM IST
मुकेश कुमार
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 07 Dec 2022 03:00 PM IST
सार
बाह तहसील क्षेत्र में नौ थाने हैं। जिनमें 5838 लाइसेंसी शस्त्र हैं। सबसे ज्यादा हथियार बाह, जैतपुर और पिनाहट में हैं। इन इलाकों में कभी डकैतों का आतंक था।
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विस्तार
चंबल का नाम आते ही जहन में डाकुओं का आतंक गूंज उठता है। 20 साल से शांत चंबल की जो वादियां कभी गोलियों की आवाज से थर्राती थीं, वहां की घाटी आज भी हथियारों के जखीरों से लेस हैं। बाह, पिनाहट क्षेत्र में 5838 लाइसेंसी हथियार हैं। जिनमें 1525 राइफल, 830 पिस्टल और रिवाल्वर के अलावा 3483 बंदूकें हैं। साफ है कि दस्युओं का आतंक खत्म होने के बाद भी यहां लोगों में असलाहों का शौक कायम है।
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बाह तहसील क्षेत्र में नौ थाने हैं। जिनमें 5838 लाइसेंसी शस्त्र हैं। सबसे ज्यादा हथियार बाह, जैतपुर और पिनाहट में हैं। कभी डाकू मान सिंह, दस्यु सुंदरी फूलन देवी और निर्भय गुर्जर के रक्तपात से लाल रहा चंबल का पानी भले साफ हो गया हो, लेकिन बागी तेवर आज भी बीहड़ों में बरकरार हैं।
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जिले में शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में हथियार हैं। जहां शहर में 15367 हथियार हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में हथियारों का जखीरा 25 हजार से अधिक है। यह स्थिति तब है जब नौ साल से नए हथियार लाइसेंस जारी नहीं हो रहे। यहां अधिकांश शस्त्र 25 से 50 साल पुराने हैं। इन हथियारों का हर पांच साल बाद नवीनीकरण कराना पड़ता है।
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