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Agra News: नेपाल से पितरों का तर्पण करने पहुंचे 500 से अधिक श्रद्धालु
Tue, 21 Oct 2025 11:21 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 21 Oct 2025 11:21 PM IST
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सोरोंजी। कार्तिक मास की चतुर्दशी पर नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितरों के तर्पण के लिए तीर्थनगरी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी में गंगा स्नान कर अपने पितरों का पिंडदान कर तर्पण किया।
नेपाल के महेंद्रनगर, दारचूला, दोदलिया धूरा, वैतरणी, बझान, बाजुरा, ओछाम आदि क्षेत्रों से करीब 500 से अधिक श्रद्धालु तीर्थनगरी पहुंचे। नेपाल से आए श्रद्धालु महादेव, कीर्ति बाबू, महेंद्रपाल ने बताया कि मुगल शासन के दौरान तीर्थनगरी के वराह मंदिर, सोमेश्वर मंदिर आदि हिन्दू धर्म स्थलों को क्षति पहुंचाई गई थी।
नेपाल नरेश ने यहां आकर इन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था। तभी से प्रतिवर्ष यहां कार्तिक मास की नरक चतुर्दशी में नेपाल से यहां श्रद्धालु आकर गंगा स्नान करते हैं तथा अपने पितरों की आत्म शांति व मोक्ष की कामना से पिंडदान कर जल तर्पण करते हैं। तीर्थपुरोहित अनुराग स्थापक ने वैदिक मंत्रोच्चार कर पूजन कराया। पिंडदान के बाद सभी श्रद्धालुओ ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा लगाते हुए भगवान वराह के दर्शन किए।
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नेपाल के महेंद्रनगर, दारचूला, दोदलिया धूरा, वैतरणी, बझान, बाजुरा, ओछाम आदि क्षेत्रों से करीब 500 से अधिक श्रद्धालु तीर्थनगरी पहुंचे। नेपाल से आए श्रद्धालु महादेव, कीर्ति बाबू, महेंद्रपाल ने बताया कि मुगल शासन के दौरान तीर्थनगरी के वराह मंदिर, सोमेश्वर मंदिर आदि हिन्दू धर्म स्थलों को क्षति पहुंचाई गई थी।
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नेपाल नरेश ने यहां आकर इन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था। तभी से प्रतिवर्ष यहां कार्तिक मास की नरक चतुर्दशी में नेपाल से यहां श्रद्धालु आकर गंगा स्नान करते हैं तथा अपने पितरों की आत्म शांति व मोक्ष की कामना से पिंडदान कर जल तर्पण करते हैं। तीर्थपुरोहित अनुराग स्थापक ने वैदिक मंत्रोच्चार कर पूजन कराया। पिंडदान के बाद सभी श्रद्धालुओ ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा लगाते हुए भगवान वराह के दर्शन किए।
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