{"_id":"65e05e468c3a21963907dbe8","slug":"monkeys-steal-specs-in-govardhan-after-vrindavan-mathura-up-news-2024-02-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोवर्धन में जरा संभलकर: वृन्दावन के बाद यहां भी लुटेरे बने बंदर, लूटते हैं चश्मा; बदले में लेते हैं फिरौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोवर्धन में जरा संभलकर: वृन्दावन के बाद यहां भी लुटेरे बने बंदर, लूटते हैं चश्मा; बदले में लेते हैं फिरौती
Thu, 29 Feb 2024 04:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 29 Feb 2024 04:08 PM IST
सार
वृन्दावन के बाद अब गोवर्धन में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। बंदर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के चेहरे से कब उनका चश्मा लूट लेते हैं, पता ही नहीं चलता है। इसके बाद यदि चश्मा वापस चाहिए तो फिरौती के रूप में इन बंदरों को कुछ न कुछ खाने के लिए देना पड़ेगा, चश्मा तभी वापस मिलेगा।
विज्ञापन
बंदर से अपना चश्मा वापस लेने के लिए फ्रूटी देता युवक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा के गोवर्धन में वृन्दावन के बाद बंदरों का आतंक श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बनता जा है। परिक्रमा मार्ग में झुंड बनाकर बैठे बंदरों ने श्रद्धालुओं से उनका चश्मा छीनना शुरू कर दिया है। खाने-पीने की चीज के बजाय अब फ्रूटी लेते हैं। अपने चश्मे वापस पाने के लिए श्रद्धालुओं को उन्हें फ्रूटी देनी पड़ रही है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को परिक्रमा मार्ग से बंदरों ने करीब दो दर्जन श्रद्धालुओं के चश्मे उतार कर फ्रूटी देने के बाद वापस किये। पहले ये बंदर लोगों से चना या केले देने पर उनका सामान लौटा देते थे। वहीं अब बंदर तब तक सामान वापस नहीं लौटाते जब तक उन्हें पीने के लिए फ्रूटी नहीं मिल जाती है। इससे पहले बंदर चना और केले देने पर श्रद्धालुओं सामान वापस कर देते थे और अब फ्रूटी का स्वाद बंदरों को लुभा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि अब तक श्रद्धालु पुण्य धर्म करने के लिए स्वयं ही बंदरों के लिए परिक्रमा मार्ग में केले और चने खिला रहे थे। गोवर्धन की बड़ी परिक्रमा मार्ग के सेवाकुंज आश्रम के अलावा अन्य मंदिरों के बाहर बंदर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपना निशाना बना रहे हैं। झपटमारी में ये बंदर श्रद्धालु का चश्मा उतार रहे हैं। स्थानीय लोगों और दुकानदार को कभी-कभार ही ये बंदर अपने खाने के लिए परेशान करते हैं।