{"_id":"5e1614858ebc3e881420737b","slug":"monitar-ligard-mainpuri-news-agr4238240141","type":"story","status":"publish","title_hn":"जासमई में मिले डायनासोर सरीखे जीव की नहीं हो सकी पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जासमई में मिले डायनासोर सरीखे जीव की नहीं हो सकी पहचान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी/बेवर। दो दिन पूर्व बेवर क्षेत्र के गांव जासमई में मिले डायनासोर सरीखे जीव की सही पहचान नहीं हो पाई है। वन विभाग के रेंजर के अनुसार यह एक मॉनिटर लिजार्ड हो सकता है। बुधवार को टीम ने पोस्टमार्टम कराया।
सोमवार की शाम गांव जासमई में सबमर्सिबल के पास लोगों ने एक अजीबो गरीब जीव को घूमते हुए देखा था जो कि डायनासोर सरीखा लग रहा था। कुछ देर बाद ही उसे जानवरों ने हमला कर मार दिया था। जीव की पहचान को तरह प्रयास किए। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली तो टीम मौके पर पहुंची। रेंजर ने बताया कि ऐसा जीव उन्होंने पहले नहीं देखा। वाइल्ड लाइफ वालों से जानकारी की गई तो इसे मॉनिटर लिजार्ड (सरीसृप प्रजाति का जीव) बताया गया है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि कोई नहीं कर सका है कि वाकई में जीव किस उपजाति का है। बुधवार को टीम ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को दफना दिया।
वाइल्ड लाइफ के जानकार इसे मॉनिटर लिजार्ड बता रहे हैं। इस तरह के जीव इधर नहीं पाए जाते। यह कहीं से घूमता हुआ आया होगा।
सिकंदर सिंह, रेंजर वन विभाग
विज्ञापन
सोमवार की शाम गांव जासमई में सबमर्सिबल के पास लोगों ने एक अजीबो गरीब जीव को घूमते हुए देखा था जो कि डायनासोर सरीखा लग रहा था। कुछ देर बाद ही उसे जानवरों ने हमला कर मार दिया था। जीव की पहचान को तरह प्रयास किए। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली तो टीम मौके पर पहुंची। रेंजर ने बताया कि ऐसा जीव उन्होंने पहले नहीं देखा। वाइल्ड लाइफ वालों से जानकारी की गई तो इसे मॉनिटर लिजार्ड (सरीसृप प्रजाति का जीव) बताया गया है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि कोई नहीं कर सका है कि वाकई में जीव किस उपजाति का है। बुधवार को टीम ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को दफना दिया।
विज्ञापन
वाइल्ड लाइफ के जानकार इसे मॉनिटर लिजार्ड बता रहे हैं। इस तरह के जीव इधर नहीं पाए जाते। यह कहीं से घूमता हुआ आया होगा।
सिकंदर सिंह, रेंजर वन विभाग