आगरा: व्यापारी के घर डकैती डालने से पहले पकड़े गए बदमाशों ने बताईं चौंकाने वाली बातें
- डकैती डालने के बाद दिल्ली में गोल गप्पे और चाट की रेहड़ी लगाते
- कमला नगर में वारदात से पहले पकड़े बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में बताया
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आगरा के कमला नगर में व्यापारी के घर में डकैती डालने से पहले पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बातें बताई हैं। आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद वे दिल्ली भाग जाते और वहां गोल गप्पे और चाट की रेहड़ी लगाते।
शनिवार तड़के पुलिस ने खंदारी से पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो बदमाश रामबाग पर पकड़े गए थे। दोनों के पैर में गोली लगी थी। इन बदमाशों ने व्यापारी के घर में 50 लाख रुपये की डकैती डालने की साजिश रची थी। वारदात से पहले पुलिस ने सभी को पकड़ लिया।
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एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि बदमाशों ने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने तय किया था कि घटना के समय और बाद में मोबाइल लेकर नहीं आएंगे। इसके साथ ही बाद में भी मोबाइल पर किसी तरह की बात नहीं होगी। मुरैना का रहने वाला आकाश तोमर फिरोजाबाद में ऑटो चलाता है। नगला बूढ़ी निवासी प्रवेंद्र चौधरी का दूध का काम है। वह इसी काम को करता।
मैनपुरी जिले के बरनाहाल निवासी अवधेश और सुनील बघेल दिल्ली में कैटरिंग का काम करते थे। सुनील चाट की ठेल लगाता और अवधेश गोलगप्पे की ठेल लगाता। इससे पुलिस उन्हें आसानी से पकड़ भी नहीं पाती। अगर, इन पर शक भी होता तो पुलिस को झूठ बोलकर बचने की कोशिश करते।
इटावा के जसवंत नगर निवासी आरोपी उदयवीर दिल्ली में जाकर काम करता। इटावा के सिविल लाइंस निवासी सुनील कुशवाह और फिरोजाबाद के फरिहा निवासी संजू कैटर्स के यहां मजदूरी करते थे। इन्होंने बताया कि वे रकम बैंक में जमा कराते और हर महीने ब्याज निकालते।
सुनील ने बनाया था गिरोह
पुलिस ने बताया कि कमला नगर के व्यापारी के घर की रेकी उनके पूर्व नौकर ने करवाई थी। नौकर का परिचय पकड़े गए सुनील बघेल से ही था। सुनील बघेल जगदीशपुरा से वर्ष 2013 में डकैती और हत्या के मामले में जेल जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद वह काम करने दिल्ली चला गया। वह दिल्ली से ही वारदात करने आया था। उसने एक-एक करके अपने साथियों को एकत्रित करके गिरोह बनाया था।