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एटा की घटना के बाद कासगंज में सतर्कता
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मिरहची के गोदाम का निरीक्षण करने जाते डीएम और एसएसपी- अमर उजाला
- फोटो : ETAH
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कासगंज। एटा के मिरहची थाना क्षेत्र में देशी पटाखे फटने से हुए हादसे के बाद कासगंज में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अग्निशमन विभाग ने निर्देश जारी कर अभियान शुरू कर दिया है। सिर्फ लाइसेंस धारक ही पटाखा बना सकेंगे और बेच सकेंगे।
दीपावली पर्व के मद्देनजर अभी से पटाखों का काम शुरू हो गया है। देशी पटाखे के निर्माण करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए है वे तरह तहर के देशी पटाखे तैयार कर रहे है। ताकि पर्व के मौके पर देशी पटाखों की डिमांड को पूरा किया जा सके। जिले में वैसे तो 12 ब्रांडेड पटाखे के लाइसेंसधारी है। ये लाइसेंसधारी विभिन्न कंपनियों के पटाखे की थोक में बिक्री करते हैं। जबकि जिले में उन्नीस देशी आतिशबाजी लाइसेंसधारी है। ये लाइसेंसधारी देशी आतिशबाजी का निर्माण करते हैँ। इनके द्वारा शादी विवाह के अलावा दीपावली के मौके पर आतिशबाजी तैयार की जाती है। ये निर्माता दीपावली के लिए पटाखे तैयार करते हैं। दीपावली को देखते हुए इन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मिरहची की घटना के बाद आतिशबाजी निर्माताओं में खलबली मच गई है। इसी के साथ ही अग्निशमन विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग ने लाइसेंसधारकों की आड़ में बिना लाइसेंस के आतिशबाजी तैयार तो नहीं हो रही, इसको लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सभी अधीनस्थों को निर्देश जारी किए हैं। यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करें। शासन से भी इस तरह के निर्देश अग्निशमन विभाग और पुलिस एवं प्रशासन को मिले हैं।
जिले में भी हो चुके हैं हादसे
कासगंज। देशी आतिशबाजी का निर्माण काफी असुरक्षित होता है। इसके निर्माण में मानक का कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। जिले में दो साल पहले नदरई में हुए हादसे में एक बच्चे की मौत् हो गई थी। इसके अलावा बिलराम में भी आतिशबाजी निर्माण के दौरान भी हादसा हुआ था, जिसमें निर्माण कर रहे कुछ लोग घायल हो गए थे।
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एटा के मिरहची क्षेत्र में हुई घटना के बाद जिले में अभियान शुरू कर दिया है। शासन से भी इस तरह के दिशा निर्देश हमें मिल चुके हैं। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने पत्र जारी कर अभियान शुरू करने को कहा है। आनंद रजनीश, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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दीपावली पर्व के मद्देनजर अभी से पटाखों का काम शुरू हो गया है। देशी पटाखे के निर्माण करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए है वे तरह तहर के देशी पटाखे तैयार कर रहे है। ताकि पर्व के मौके पर देशी पटाखों की डिमांड को पूरा किया जा सके। जिले में वैसे तो 12 ब्रांडेड पटाखे के लाइसेंसधारी है। ये लाइसेंसधारी विभिन्न कंपनियों के पटाखे की थोक में बिक्री करते हैं। जबकि जिले में उन्नीस देशी आतिशबाजी लाइसेंसधारी है। ये लाइसेंसधारी देशी आतिशबाजी का निर्माण करते हैँ। इनके द्वारा शादी विवाह के अलावा दीपावली के मौके पर आतिशबाजी तैयार की जाती है। ये निर्माता दीपावली के लिए पटाखे तैयार करते हैं। दीपावली को देखते हुए इन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मिरहची की घटना के बाद आतिशबाजी निर्माताओं में खलबली मच गई है। इसी के साथ ही अग्निशमन विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग ने लाइसेंसधारकों की आड़ में बिना लाइसेंस के आतिशबाजी तैयार तो नहीं हो रही, इसको लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सभी अधीनस्थों को निर्देश जारी किए हैं। यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करें। शासन से भी इस तरह के निर्देश अग्निशमन विभाग और पुलिस एवं प्रशासन को मिले हैं।
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जिले में भी हो चुके हैं हादसे
कासगंज। देशी आतिशबाजी का निर्माण काफी असुरक्षित होता है। इसके निर्माण में मानक का कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। जिले में दो साल पहले नदरई में हुए हादसे में एक बच्चे की मौत् हो गई थी। इसके अलावा बिलराम में भी आतिशबाजी निर्माण के दौरान भी हादसा हुआ था, जिसमें निर्माण कर रहे कुछ लोग घायल हो गए थे।
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एटा के मिरहची क्षेत्र में हुई घटना के बाद जिले में अभियान शुरू कर दिया है। शासन से भी इस तरह के दिशा निर्देश हमें मिल चुके हैं। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने पत्र जारी कर अभियान शुरू करने को कहा है। आनंद रजनीश, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।