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आगरा: जिस किशोरी को अगवा बताकर हो रहा था हंगामा, उसकी बरामदगी के बाद सामने आई चौंकाने वाली बात, पढ़िए पूरा खुलासा
Wed, 03 Mar 2021 02:18 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 03 Mar 2021 02:18 PM IST
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नाबालिग किशोरी की बरामदगी की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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न्यू आगरा क्षेत्र से ताजगंज की जिस 16 वर्षीय किशोरी को अगवा बताकर सात दिन से हंगामा प्रदर्शन किया जा रहा था, उसका अपहरण हुआ ही नहीं था। वह अपनी मर्जी से गई थी, दिल्ली के तिलक नगर में पेइंग गेस्ट हाउस में रह रही थी। पुलिस ने उसे वहां से बरामद कर लिया।
वह 23 फरवरी को अपने दोस्त रिंकू और दिव्यांशू के साथ कार से गई थी। पुलिस ने रिंकू को हिरासत में ले लिया है। दिव्यांशू साइबर अपराध के मामले में ग्वालियर में जेल जा चुका है। किशोरी न्यू आगरा में बुआ के घर से अस्पताल से दवा लेने जाते समय लापता हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में उसे एक युवक ले जाता नजर आया। किशोरी के पिता ने उसकी पहचान मेहताब राणा निवासी मेरठ के रूप में की। पुलिस ने उसके खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया था। मेहताब तीन साल पहले तक किशोरी के पिता के साथ एक बेकरी में काम कर चुका था।
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उसके खिलाफ 2018 में किशोरी के अपहरण का केस दर्ज है। इसमें वह जेल गया था। पुलिस ने मान लिया कि अपहरण मेहताब ने ही किया है। उसकी तलाश में दबिश दी गई, वह हाथ नहीं आया। अब सोमवार की रात किशोरी दिल्ली से बरामद हुई तो कहानी में नया मोड़ आ गया। रिंकू किशोरी को पहले ऑटो से लेकर चला। ये दोनों यहां से भगवान टॅाकीज तक पहुंचे। यहां कार में दिव्यांशू पहले से बैठा था।
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वह 23 फरवरी को अपने दोस्त रिंकू और दिव्यांशू के साथ कार से गई थी। पुलिस ने रिंकू को हिरासत में ले लिया है। दिव्यांशू साइबर अपराध के मामले में ग्वालियर में जेल जा चुका है। किशोरी न्यू आगरा में बुआ के घर से अस्पताल से दवा लेने जाते समय लापता हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में उसे एक युवक ले जाता नजर आया। किशोरी के पिता ने उसकी पहचान मेहताब राणा निवासी मेरठ के रूप में की। पुलिस ने उसके खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया था। मेहताब तीन साल पहले तक किशोरी के पिता के साथ एक बेकरी में काम कर चुका था।
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उसके खिलाफ 2018 में किशोरी के अपहरण का केस दर्ज है। इसमें वह जेल गया था। पुलिस ने मान लिया कि अपहरण मेहताब ने ही किया है। उसकी तलाश में दबिश दी गई, वह हाथ नहीं आया। अब सोमवार की रात किशोरी दिल्ली से बरामद हुई तो कहानी में नया मोड़ आ गया। रिंकू किशोरी को पहले ऑटो से लेकर चला। ये दोनों यहां से भगवान टॅाकीज तक पहुंचे। यहां कार में दिव्यांशू पहले से बैठा था।
नाबालिग लड़की को ले जाता आरोपी युवक (सीसीटीवी फुटेज से ली गई तस्वीर) फाइल
- फोटो : अमर उजाला
मेहताब को जेल भिजवाने के लिए रचा था नाटक
किशोरी ने इस पूरे नाटक की वजह पुलिस को बता दी। उसका मकसद मेहताब राणा को जेल भिजवाना था। उसने बताया कि जब तीन साल पहले मेहताब ने अपहरण किया था, तब उसे बुर्का पहनाकर रखा था। उसके परिजन यह बात जानते थे। इसलिए वह बुर्का पहनकर गई ताकि फुटेज में नजर आए तो शक मेहताब पर जाए।
उसे जो दोस्त रिंकू साथ दिल्ली ले गया, वह पठानी सूट पहने था। मेहताब भी पठानी सूट पहनता है। फुटेज में उसका चेहरा साफ नहीं था। उसका पठानी सूट और बेटी को बुर्के में देख परिजनों ने आरोपी को मेहताब बता दिया था। किशोरी ने बताया कि 2018 के बाद एक और बार किशोरी का मेहताब ने अपहरण किया था। दूसरी बार की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। मेहताब ने उसके साथ बहुत ज्यादती की है, लेकिन उसे उतनी सजा नहीं मिली।
रिंकू ने कहा, दिव्यांशू ने बनाया था प्लान
आगरा पुलिस ने मेहताब की पत्नी और दो भाभियों को किशोरी के अपहरण में जेल भेजा था। मगर, किशोरी के बरामद होने के बाद मेहताब की भूमिका सामने नहीं आई। उधर, पुलिस ने किशोरी को दिल्ली ले जाने में मदद करने वाले रिंकू को हिरासत में लिया है। उसने बताया कि वह दिव्यांशू के कहने पर मदद को आया था। उसे दिव्यांशू ने बताया था कि किशोरी को परिजन नहीं पढ़ा रहे हैं। इसलिए उसे कोचिंग में दाखिल करने जा रहा है। इसलिए वह साथ आ गया था। दिव्यांशू के कहने पर ही पठानी सूट और टोपी पहनकर आया था। बुर्का बैग में लेकर आया था। उसे नहीं पता था कि मामला इतना तूल पकड़ लेगा।
किशोरी ने इस पूरे नाटक की वजह पुलिस को बता दी। उसका मकसद मेहताब राणा को जेल भिजवाना था। उसने बताया कि जब तीन साल पहले मेहताब ने अपहरण किया था, तब उसे बुर्का पहनाकर रखा था। उसके परिजन यह बात जानते थे। इसलिए वह बुर्का पहनकर गई ताकि फुटेज में नजर आए तो शक मेहताब पर जाए।
उसे जो दोस्त रिंकू साथ दिल्ली ले गया, वह पठानी सूट पहने था। मेहताब भी पठानी सूट पहनता है। फुटेज में उसका चेहरा साफ नहीं था। उसका पठानी सूट और बेटी को बुर्के में देख परिजनों ने आरोपी को मेहताब बता दिया था। किशोरी ने बताया कि 2018 के बाद एक और बार किशोरी का मेहताब ने अपहरण किया था। दूसरी बार की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। मेहताब ने उसके साथ बहुत ज्यादती की है, लेकिन उसे उतनी सजा नहीं मिली।
रिंकू ने कहा, दिव्यांशू ने बनाया था प्लान
आगरा पुलिस ने मेहताब की पत्नी और दो भाभियों को किशोरी के अपहरण में जेल भेजा था। मगर, किशोरी के बरामद होने के बाद मेहताब की भूमिका सामने नहीं आई। उधर, पुलिस ने किशोरी को दिल्ली ले जाने में मदद करने वाले रिंकू को हिरासत में लिया है। उसने बताया कि वह दिव्यांशू के कहने पर मदद को आया था। उसे दिव्यांशू ने बताया था कि किशोरी को परिजन नहीं पढ़ा रहे हैं। इसलिए उसे कोचिंग में दाखिल करने जा रहा है। इसलिए वह साथ आ गया था। दिव्यांशू के कहने पर ही पठानी सूट और टोपी पहनकर आया था। बुर्का बैग में लेकर आया था। उसे नहीं पता था कि मामला इतना तूल पकड़ लेगा।
सीसीटीवी फुटेज से उठा रहस्य का पर्दा
1. किशोरी रिंकू के साथ जिस ऑटो से गई थी, उसका फोटो सीसीटीवी फुटेज से निकलवाया।
2. इंस्पेक्टर अजय कौशल ने उस ऑटो के चालक की पहचान कर पूछताछ की तो पता चला कि किशोरी को एक युवक कार से ले गया।
3. पुलिस ने 1000 से ज्यादा फुटेज देखे, तब यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से कार का नंबर मिल गया।
4. कार के नंबर से पता चला कि यह दिल्ली के तिलक नगर की है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने वहां टीम भेजी।
5. तिलक नगर में कार चालक ने बताया कि इसे 6000 रुपये में रिंकू ने बुक किया था। वह किशोरी को यहां लाया था।
6. तिलक नगर में पड़ताल करने पर पता चला कि आगरा से आई किशोरी पेइंग गेस्ट हाउस में नाम बदलकर रह रही है। यह वही किशोरी निकली।
( जैसा आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया )
1. किशोरी रिंकू के साथ जिस ऑटो से गई थी, उसका फोटो सीसीटीवी फुटेज से निकलवाया।
2. इंस्पेक्टर अजय कौशल ने उस ऑटो के चालक की पहचान कर पूछताछ की तो पता चला कि किशोरी को एक युवक कार से ले गया।
3. पुलिस ने 1000 से ज्यादा फुटेज देखे, तब यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से कार का नंबर मिल गया।
4. कार के नंबर से पता चला कि यह दिल्ली के तिलक नगर की है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने वहां टीम भेजी।
5. तिलक नगर में कार चालक ने बताया कि इसे 6000 रुपये में रिंकू ने बुक किया था। वह किशोरी को यहां लाया था।
6. तिलक नगर में पड़ताल करने पर पता चला कि आगरा से आई किशोरी पेइंग गेस्ट हाउस में नाम बदलकर रह रही है। यह वही किशोरी निकली।
( जैसा आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया )
दोस्तों को आरोपी बना सकती है पुलिस
पुलिस की पूछताछ में किशोरी ने बताया कि ग्वालियर निवासी दिव्यांशू चौहान से एक साल पहले उसकी मुलाकात हुई थी। वह परिवार के ही शादी समारोह में आया था। उससे फोन पर बातचीत होने लगी। वही अपने साथी दिल्ली निवासी रिंकू के साथ दिल्ली से कार किराये पर लेकर आया था। सोमवार को ग्वालियर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में दिव्यांशू को जेल भेजा है, जबकि रिंकू को थाना न्यू आगरा पुलिस ले आई है। पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस के मुताबिक बयान के आधार पर विधिक राय ली जाएगी। इसमें दिव्यांशू और रिंकू को मुकदमे में नामजद करने पर विचार होगा।
कराटे में ब्लैक बेल्ट किशोरी बनना चाहती हैं डॉक्टर
किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही। 13 साल की उम्र में जूडो कराटे में ब्लैकबेल्ट हासिल कर ली थी। उसे अभिनेता अक्षय कुमार ने गाजियाबाद में सम्मानित किया था। अब वह दिल्ली में पीजी में रुककर पढ़ाई पूरी करके डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना चाहती थी। नौवीं कक्षा में उसके 90 फीसदी अंक आए थे। इस पर परिजन भी उसकी पढ़ाई पर ध्यान देने लगे।
दो बार अपहरण होने से उसकी पढ़ाई रुक गई थी। किसी तरह उसने बुआ के घर जाकर इस वर्ष पढ़ाई शुरू की थी। अब हाईस्कूल कर रही है। परीक्षा दे चुकी थी। एक साल पहले एक शादी समारोह में दिव्यांशु से दोस्ती हुई थी। उसे किशोरी ने अपना सपना बताया। वह मदद करने लगा। नीट की तैयारी को खर्च उठाने को तैयार हो गया। उसी ने ले जाकर दिल्ली में पीजी हाउस में छह हजार रुपये प्रतिमाह पर कमरा दिलवाया था। कोचिंग का खर्च भी उठाने को तैयार था।
पुलिस की पूछताछ में किशोरी ने बताया कि ग्वालियर निवासी दिव्यांशू चौहान से एक साल पहले उसकी मुलाकात हुई थी। वह परिवार के ही शादी समारोह में आया था। उससे फोन पर बातचीत होने लगी। वही अपने साथी दिल्ली निवासी रिंकू के साथ दिल्ली से कार किराये पर लेकर आया था। सोमवार को ग्वालियर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में दिव्यांशू को जेल भेजा है, जबकि रिंकू को थाना न्यू आगरा पुलिस ले आई है। पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस के मुताबिक बयान के आधार पर विधिक राय ली जाएगी। इसमें दिव्यांशू और रिंकू को मुकदमे में नामजद करने पर विचार होगा।
कराटे में ब्लैक बेल्ट किशोरी बनना चाहती हैं डॉक्टर
किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही। 13 साल की उम्र में जूडो कराटे में ब्लैकबेल्ट हासिल कर ली थी। उसे अभिनेता अक्षय कुमार ने गाजियाबाद में सम्मानित किया था। अब वह दिल्ली में पीजी में रुककर पढ़ाई पूरी करके डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना चाहती थी। नौवीं कक्षा में उसके 90 फीसदी अंक आए थे। इस पर परिजन भी उसकी पढ़ाई पर ध्यान देने लगे।
दो बार अपहरण होने से उसकी पढ़ाई रुक गई थी। किसी तरह उसने बुआ के घर जाकर इस वर्ष पढ़ाई शुरू की थी। अब हाईस्कूल कर रही है। परीक्षा दे चुकी थी। एक साल पहले एक शादी समारोह में दिव्यांशु से दोस्ती हुई थी। उसे किशोरी ने अपना सपना बताया। वह मदद करने लगा। नीट की तैयारी को खर्च उठाने को तैयार हो गया। उसी ने ले जाकर दिल्ली में पीजी हाउस में छह हजार रुपये प्रतिमाह पर कमरा दिलवाया था। कोचिंग का खर्च भी उठाने को तैयार था।