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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   milk bottle Nipple stuck in throat of one and a half year old child while drinking milk dies of suffocation in kasganj

कासगंज: दूध की बोतल ने ली डेढ़ वर्ष के मासूम की जान, गले में फंसी रह गई निपल

Sat, 23 Apr 2022 01:41 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 23 Apr 2022 01:41 PM IST
सार

कासगंज में एक बच्चे की दूध पीते समय बोतल की निपल गले में फंस जाने से मौत हो गई। उस समय बच्चे के पास कोई नहीं था। परिजनों ने जब बच्चे को छटपटाते हुए देखा, तो जानकारी हो सकी।

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milk bottle Nipple stuck in throat of one and a half year old child while drinking milk dies of suffocation in kasganj
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कासगंज पटियाली के सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के ग्राम विजय नगर में  एक मासूम की उस समय अचानक मौत हो गई, जब उसके गले में दूध की बोतल की निपल फंस गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
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ग्राम विजय नगर निवासी चरन सिंह का पुत्र रोहित (डेढ़ वर्ष) बृहस्पतिवार को देर शाम बोतल से दूध पी रहा था। दूध पीते समय किसी तरह से निपल बोतल से निकल कर उसके गले में फंस गई, जिससे उसकी दम घुटने लगी और उसने हिचकियां लेना शुरू कर दीं। उसकी हिचकियों की आवाज को सुनकर परिजन दौड़कर उसके पास पहुंचे और उसका मुंह खुलवाकर देखा तो गले में निपल फंसी देखकर दंग रह गए।
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परिजनों ने निपल को बाहर निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। निपल बाहर निकलने के बजाय और अंदर चली गई।  इसके बाद परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजन चीत्कार कर उठे। मासूम की मौत की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया। 
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. विकास भारती का कहना है कि बोतल से बच्चे को दूध पिलाना उसकी सेहत के लिए ठीक नहीं रहता। अक्सर कई लोग बच्चे के मुंह में खाली बोतल लगी छोड़ देते हैं, जोकि बच्चे की सेहत के लिए हांनिकारक साबित होती है। साथ ही इससे खतरा भी बना रहता है।

घर का चिराग था मासूम

मासूम रोहित अपने घर का चिराग था। तीन पुत्रियों बाद चरन सिंह के घर पर  एक पुत्र हुआ था। घर के चिराग के इस तरह से बुझ जाने से परिजन को काफी सदमा लगा है। उसकी मां सोनवती का तो रो रोकर बुरा हाल है। 
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