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महताब बाग से दिखेगी ‘चमकी’, पर सुरक्षा बड़ी ‘चुनौती’
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 02 May 2015 02:05 AM IST
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चांदनी रात में ताजमहल परिसर से चमकी बेशक न दिखती हो, लेकिन यह महताब बाग से बेहद खूबसूरती से नजर आएगी। चमकी देखने से पहले महताब बाग में सैलानियों की सुरक्षा एएसआई, प्रशासन, पुलिस और पर्यटन मंत्रालय के लिए चुनौती बन रही है। अकबर टूम में युवती की हत्या और आगरा किला के दर्जनों क्षेत्रों को हत्या की घटनाओं के बाद बंद कर देने वाला एएसआई महताब बाग की सुरक्षा पर गेंद प्रशासन के पाले में डाल रहा है। महताब बाग में सैलानियों को खतरा तो होगा ही रात में लौटने पर यमुना ब्रिज तक सन्नाटा भी मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ताजमहल में 12 साल पहले पूर्णिमा और उससे दो दिन पहले, दो दिन बाद यानी पूरी पांच चांदनी रातों में ताजमहल को खोलने के निर्देश दिए थे। नाइटव्यू के दौरान रात 8:30 से 12:30 बजे तक 8 बैच में 50-50 पर्यटकों के ग्रुप में लोग ताज पहुंचते हैं। शिल्पग्राम से ताज तक पुलिस और अंदर सीआईएसएफ कदम से कदम मिलाकर सैलानियों को किसी वीवीआईपी जैसी सुरक्षा का एहसास कराती है। इसके उलट महताब बाग तक जाने का रास्ता ही एकदम वीरान है। वहीं, सैलानियों की सुरक्षा महताब बाग की झाड़ियों में कैसे होगी, यह सवाल एएसआई अधिकारियों को भी परेशान कर रहा है।
पर्यटन मंत्री ने एएसआई से मांगी रिपोर्ट
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश शर्मा ने एएसआई आगरा सर्किल अधीक्षण पुरातत्वविद भुवन विक्रम से महताब बाग से चमकी दिखाने के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। महताब बाग के पूर्वी एवं पश्चिमी क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने और बाग तक नेशनल हाईवे-2 से सीधे रास्ते के लिए आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने केंद्रीय मंत्री को प्रस्ताव सौंपा। एडीएफ के सचिव केसी जैन ने कहा कि 14 जुलाई 2014 को तत्कालीन पर्यटन मंत्री ने एक्सप्रेस वे से महताब बाग तक सीधा मार्ग बनाने के निर्देश दिए थे।
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पश्चिमी गेट से हो प्रवेश
एडीएफ ने पर्यटन मंत्री से मांग की कि पूर्वी गेट से नाइटव्यू की जगह पश्चिमी गेट से पर्यटकों को रात में प्रवेश देना चाहिए। इससे पूर्णिमा पर पांच दिन 50 हजार लोग पांच घंटों के लिए बंधक नहीं बनाए जाएंगे। नाइटव्यू के लिए सेंट्रल टैंक से अनुमति दी जाए और उसी दिन टिकट मिलने के साथ ई-टिकट की सुविधा भी हो। नाइटव्यू के लिए 30 मिनट की जगह 45 मिनट का समय हो।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ताजमहल में 12 साल पहले पूर्णिमा और उससे दो दिन पहले, दो दिन बाद यानी पूरी पांच चांदनी रातों में ताजमहल को खोलने के निर्देश दिए थे। नाइटव्यू के दौरान रात 8:30 से 12:30 बजे तक 8 बैच में 50-50 पर्यटकों के ग्रुप में लोग ताज पहुंचते हैं। शिल्पग्राम से ताज तक पुलिस और अंदर सीआईएसएफ कदम से कदम मिलाकर सैलानियों को किसी वीवीआईपी जैसी सुरक्षा का एहसास कराती है। इसके उलट महताब बाग तक जाने का रास्ता ही एकदम वीरान है। वहीं, सैलानियों की सुरक्षा महताब बाग की झाड़ियों में कैसे होगी, यह सवाल एएसआई अधिकारियों को भी परेशान कर रहा है।
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पर्यटन मंत्री ने एएसआई से मांगी रिपोर्ट
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश शर्मा ने एएसआई आगरा सर्किल अधीक्षण पुरातत्वविद भुवन विक्रम से महताब बाग से चमकी दिखाने के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। महताब बाग के पूर्वी एवं पश्चिमी क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने और बाग तक नेशनल हाईवे-2 से सीधे रास्ते के लिए आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने केंद्रीय मंत्री को प्रस्ताव सौंपा। एडीएफ के सचिव केसी जैन ने कहा कि 14 जुलाई 2014 को तत्कालीन पर्यटन मंत्री ने एक्सप्रेस वे से महताब बाग तक सीधा मार्ग बनाने के निर्देश दिए थे।
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पश्चिमी गेट से हो प्रवेश
एडीएफ ने पर्यटन मंत्री से मांग की कि पूर्वी गेट से नाइटव्यू की जगह पश्चिमी गेट से पर्यटकों को रात में प्रवेश देना चाहिए। इससे पूर्णिमा पर पांच दिन 50 हजार लोग पांच घंटों के लिए बंधक नहीं बनाए जाएंगे। नाइटव्यू के लिए सेंट्रल टैंक से अनुमति दी जाए और उसी दिन टिकट मिलने के साथ ई-टिकट की सुविधा भी हो। नाइटव्यू के लिए 30 मिनट की जगह 45 मिनट का समय हो।