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UP: अनंत अंबानी की तरह हुई थी इस मुगल शहजादे की शादी...आगरा किले में हुई थी रस्में, मिले थे बेशकीमती उपहार
Mon, 15 Jul 2024 12:41 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमित कुुलश्रेष्ठ, आगरा
अमित कुुलश्रेष्ठ, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 15 Jul 2024 12:41 PM IST
सार
Anant Ambani Radhika Merchant Wedding: बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी जिस धूमधाम से हो रही है और जिस पानी की तरह जिस तरह पैसा बहाया जा रहा है, उसकी पूरी देश में चर्चा है। लेकिन बता दें कि इतिहास को टटोलें तो मुगलकाल में सबसे महंगी शादी का गवाह आगरा रह चुका है।
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मुगलों की सबसे महंगी शादी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी और जश्न में हो रहा खर्च इन दिनों चर्चाओं में है लेकिन 391 साल पहले आगरा मुगल काल की सबसे महंगी शादी का गवाह रह चुका है। हिंदुस्तान के शहंशाह शाहजहां के बेटे शहजादे दाराशिकोह की शादी तब पूरे देश में भव्यता और खर्च में सबसे आगे रही थी। आगरा किला के दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास में शादी की प्रमुख रस्में निभाई गई थीं।
इतिहासकार और मुगल दरबारी अब्दुल हमीद लाहौरी की पुस्तक पादशाहनामा में शहजादा दाराशिकोह की शादी का पूरा ब्योरा दर्ज है। फरवरी 1633 में दाराशिकोह की शादी परवेज मिर्जा की बेटी नादिरा बानू से हुई। इस शादी पर तब 32 लाख रुपये का खर्च आया था, जिनमें शहजादी जहांआरा ने अपने पास से 16 लाख रुपये, 6 लाख रुपये शाही खजाने से और बाकी नादिरा बानू की मां ने खर्च किए थे।
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इतिहासकार और मुगल दरबारी अब्दुल हमीद लाहौरी की पुस्तक पादशाहनामा में शहजादा दाराशिकोह की शादी का पूरा ब्योरा दर्ज है। फरवरी 1633 में दाराशिकोह की शादी परवेज मिर्जा की बेटी नादिरा बानू से हुई। इस शादी पर तब 32 लाख रुपये का खर्च आया था, जिनमें शहजादी जहांआरा ने अपने पास से 16 लाख रुपये, 6 लाख रुपये शाही खजाने से और बाकी नादिरा बानू की मां ने खर्च किए थे।
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दीवान-ए-आम में दिखाए गए उपहार
दाराशिकोह की शादी में जो उपहार मुगलिया सल्तनत के राजा, दरबारियों और मेहमानों की ओर से आए, उन्हें आगरा किला के दीवान-ए-आम में दिखाया गया। बादशाह और हरम की महिलाएं दोपहर में इन्हें देखने पहुंचे तो शाम को दरबारी और अन्य लोग आए। हिनाबंदी यानी मेहंदी की रस्म दीवान-ए-खास में की गई। लंदन की रॉयल सोसाइटी के पास दाराशिकोह की शादी से जुड़ी कई पेंटिंग उपलब्ध हैं।
दाराशिकोह की शादी में जो उपहार मुगलिया सल्तनत के राजा, दरबारियों और मेहमानों की ओर से आए, उन्हें आगरा किला के दीवान-ए-आम में दिखाया गया। बादशाह और हरम की महिलाएं दोपहर में इन्हें देखने पहुंचे तो शाम को दरबारी और अन्य लोग आए। हिनाबंदी यानी मेहंदी की रस्म दीवान-ए-खास में की गई। लंदन की रॉयल सोसाइटी के पास दाराशिकोह की शादी से जुड़ी कई पेंटिंग उपलब्ध हैं।
मेहमानों को दिए गए पान, इलाचयी, मेवे
मेहंदी की रस्म में जो लोग शामिल हुए, उन्हें पान, इलाचयी और मेवे दिए गए। 12 फरवरी 1633 को शहजादा दारा शिकोह की बरात आगरा किले में पहुंची। इसकी पेंटिंग अब लंदन के म्यूजियम में है। शहंशाह शाहजहां की बेगम मुमताज महल की मृत्यु के शोक के एक साल बाद दाराशिकोह की शादी की गई, जिसे भव्य बनाने में दारा शिकोह की बहन जहांआरा ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
मेहंदी की रस्म में जो लोग शामिल हुए, उन्हें पान, इलाचयी और मेवे दिए गए। 12 फरवरी 1633 को शहजादा दारा शिकोह की बरात आगरा किले में पहुंची। इसकी पेंटिंग अब लंदन के म्यूजियम में है। शहंशाह शाहजहां की बेगम मुमताज महल की मृत्यु के शोक के एक साल बाद दाराशिकोह की शादी की गई, जिसे भव्य बनाने में दारा शिकोह की बहन जहांआरा ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
आतिशबाजी से जगमगा उठा आगरा
मुगलिया दौर की सबसे महंगी शादी में शहजादा दाराशिकोह अपने दो भाइयों शुजा और मुराद के साथ घोड़े पर सवार होकर आगरा किला पहुंचा था। बरात में जमकर आतिशबाजी की गई। इससे आगरा जगमगा उठा। बरात में आसफ खान के भाई जाफर खान समेत प्रमुख दरबारी और कुलीन लोग शामिल हुए थे। मुगलिया दौर की पेंटिंग में दारा शिकोह मोतियों के घूंघट और मोती से लदी पगड़ी, पंख के साथ दिखते हैं। बरात में कांच के जार के अंदर मोमबत्ती जलाकर रोशनी की गई।
मुगलिया दौर की सबसे महंगी शादी में शहजादा दाराशिकोह अपने दो भाइयों शुजा और मुराद के साथ घोड़े पर सवार होकर आगरा किला पहुंचा था। बरात में जमकर आतिशबाजी की गई। इससे आगरा जगमगा उठा। बरात में आसफ खान के भाई जाफर खान समेत प्रमुख दरबारी और कुलीन लोग शामिल हुए थे। मुगलिया दौर की पेंटिंग में दारा शिकोह मोतियों के घूंघट और मोती से लदी पगड़ी, पंख के साथ दिखते हैं। बरात में कांच के जार के अंदर मोमबत्ती जलाकर रोशनी की गई।
मुगल काल का शानदार दौर था
दारा की शादी सबसे महंगी शादी थी। दरअसल, तब तक मुगल साम्राज्य सबसे शानदार दौर में था। स्थिरता के साथ कारोबार भी अच्छी हालत में था। युद्ध की जगह संपन्नता और आर्थिक मजबूती पर जोर था। मुमताज के शोक के बाद यह पहला सार्वजनिक समारोह भी था। - केके मुहम्मद, पदमश्री, पुरातत्वविद एवं मुगल इतिहासकार
दारा की शादी सबसे महंगी शादी थी। दरअसल, तब तक मुगल साम्राज्य सबसे शानदार दौर में था। स्थिरता के साथ कारोबार भी अच्छी हालत में था। युद्ध की जगह संपन्नता और आर्थिक मजबूती पर जोर था। मुमताज के शोक के बाद यह पहला सार्वजनिक समारोह भी था। - केके मुहम्मद, पदमश्री, पुरातत्वविद एवं मुगल इतिहासकार
आर्थिक रूप से मजबूत थे
डाॅ. आंबेडकर विश्वविद्यालय के इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. सुगम आनंद ने बताया कि अन्य मुगल शहजादों, शहंशाहों के उलट दाराशिकोह ने केवल एक बार शादी की। नादिरा बानू और दारा का विवाह मुगलिया सल्तनत की शान ओ शौकत को दिखाता है। यह वह दौर था, जब मुगल आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा मजबूत थे।
डाॅ. आंबेडकर विश्वविद्यालय के इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. सुगम आनंद ने बताया कि अन्य मुगल शहजादों, शहंशाहों के उलट दाराशिकोह ने केवल एक बार शादी की। नादिरा बानू और दारा का विवाह मुगलिया सल्तनत की शान ओ शौकत को दिखाता है। यह वह दौर था, जब मुगल आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा मजबूत थे।