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नशे के लिए बेची जा रही थी टिंचर-जिंजर, दो मेडिकल स्टोर किए सील
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आगरा। प्रशासन की टीम ने बोदला में टिंचर-जिंजर की बिक्री नशे के लिए किए जाने पर दो मेडिकल स्टोर सील कर दिए हैं। एक मेडिकल स्टोर पर अन्य कोई दवा नहीं थी। दूसरे स्टोर पर स्वामी ने विभाग को खरीद-बिक्री के सत्यापित बिल उपलब्ध नहीं कराए। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि टिंचर-जिंजर की अवैध बिक्री पर दोनों स्टोर सील कर दिए हैं, नोटिस दिया गया है, इनकी जांच जारी रहेगी। टीम में एसीएम तृतीय वीके गुप्ता, औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा, आबकारी निरीक्षक विजय आनंद और पुलिस टीम थी।
कृष्णा मेडिकल स्टोर पर नहीं मिला फार्मासिस्ट
बोदला स्थित कृष्णा मेडिकल स्टोर पर छापे के वक्त विजय कुमार मिला। पूछने पर उसने बताया कि इस स्टोर के मालिक सौरभ कुमार हैं। पंजीकरण संख्या देखने पर फार्मासिस्ट अंकुर कुमार दर्ज था। यह दोनों नहीं मिले। स्टोर में किसी भी तरह की दवाएं नहीं थी, कार्टन-रैक में टिंचर की शीशी रखीं थी। पूछने पर उसने बताया कि इसे बेचने के उसे छह हजार रुपये मिलते हैं, नशे के आदी लोग इसको खरीदने आते हैं।
भैरव मेडिकल स्टोर नहीं दिखा पाया सत्यापित बिल
- बोदला स्थित भैरव मेडिकल स्टोर पर जून में औषधि विभाग ने छापा मारकर टिंचर-जिंजर की बिक्री में गड़बड़ी पकड़ी थी। यह थोक की दुकान है और इसकी मालिक मनीषा वर्मा है, मौके पर इनके पति अजय सोनी मिले थे। टीम ने इनसे टिंचर-जिंजर की खरीद के सत्यापित बिल मांग थे। लेकिन एक महीने में बिल उपलब्ध न कराने पर इसे सील कर दिया है। यहां पर टिंचर की 30 शीशी मिली।
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मेडिकल स्टोर में भी ग्राहक पीते है टिंचर-जिंजर
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि छापे के वक्त स्टोर की जांच की तो यहां पर टिंचर के दो कार्टन मिले, जिनमें 140 शीशी रखी थीं। दुकान के कोने और डस्टबिन में टिंचर की खाली शीशी भी मिली। तो पूछा क्या ग्राहकों को दुकान में बैठाकर पिलाते हो। इस पर कर्मचारी बोला कि कुछ परिचित ग्राहक यहीं पर पी लेते हैं। इस पर टिंचर की चार नमूने लिए, इनमें से तीन शीशी पर 31 जुलाई तक एक्सपासरी डेट मिली। ऐसे में यह तीन नमूने बेकार हैं, एक नमूना लेकर जांच को लैब भेज दिया है।
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कृष्णा मेडिकल स्टोर पर नहीं मिला फार्मासिस्ट
बोदला स्थित कृष्णा मेडिकल स्टोर पर छापे के वक्त विजय कुमार मिला। पूछने पर उसने बताया कि इस स्टोर के मालिक सौरभ कुमार हैं। पंजीकरण संख्या देखने पर फार्मासिस्ट अंकुर कुमार दर्ज था। यह दोनों नहीं मिले। स्टोर में किसी भी तरह की दवाएं नहीं थी, कार्टन-रैक में टिंचर की शीशी रखीं थी। पूछने पर उसने बताया कि इसे बेचने के उसे छह हजार रुपये मिलते हैं, नशे के आदी लोग इसको खरीदने आते हैं।
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भैरव मेडिकल स्टोर नहीं दिखा पाया सत्यापित बिल
- बोदला स्थित भैरव मेडिकल स्टोर पर जून में औषधि विभाग ने छापा मारकर टिंचर-जिंजर की बिक्री में गड़बड़ी पकड़ी थी। यह थोक की दुकान है और इसकी मालिक मनीषा वर्मा है, मौके पर इनके पति अजय सोनी मिले थे। टीम ने इनसे टिंचर-जिंजर की खरीद के सत्यापित बिल मांग थे। लेकिन एक महीने में बिल उपलब्ध न कराने पर इसे सील कर दिया है। यहां पर टिंचर की 30 शीशी मिली।
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मेडिकल स्टोर में भी ग्राहक पीते है टिंचर-जिंजर
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि छापे के वक्त स्टोर की जांच की तो यहां पर टिंचर के दो कार्टन मिले, जिनमें 140 शीशी रखी थीं। दुकान के कोने और डस्टबिन में टिंचर की खाली शीशी भी मिली। तो पूछा क्या ग्राहकों को दुकान में बैठाकर पिलाते हो। इस पर कर्मचारी बोला कि कुछ परिचित ग्राहक यहीं पर पी लेते हैं। इस पर टिंचर की चार नमूने लिए, इनमें से तीन शीशी पर 31 जुलाई तक एक्सपासरी डेट मिली। ऐसे में यह तीन नमूने बेकार हैं, एक नमूना लेकर जांच को लैब भेज दिया है।