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घिरोर के दो मेडिकल स्टोर नहीं कर सकेंगे दवा की बिक्री
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घिरोर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर निरीक्षण करतीं औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने नियम विरुद्ध दवाओं की बिक्री करने पर दो मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की है। फार्मासिस्ट न होने पर दो मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री रोकने का नोटिस जारी किया गया है।
घिरोर में संचालित बघेल मेडिकल स्टोर और राम एंड श्याम मेडिकल हाउस के नाम खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने फुटकर दवा बिक्री का लाइसेंस जारी किया गया है। दोनों मेडिकल स्टोर पर कार्यरत फार्मासिस्टों ने विगत दिनों ने इस्तीफा दे दिया था। इस पर औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दवाओं की बिक्री होती मिली। इस पर औषधि एवं प्रसाधन एक्ट की धारा 22(1) डी के तहत दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। मेडिकल स्टोर पर इसका नोटिस भी चस्पा किया गया है। थाने को भी जल्द ही दवाओं की बिक्री रोकने के लिए पत्र भेजा जाएगा। इस दौरान औषधि अनुसेवक रामकुमार मौजूद रहे।
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दवाओं की रिकवरी के लिए भी लिखा पत्र
औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने दोनों मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित करने के साथ ही उपलब्ध दवाओं की वापसी के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने दोनों मेडिकल स्टोरों को दवा की बिक्री की है।
ये है नियम
नियमानुसार फुटकर दवाओं की बिक्री का लाइसेंस जारी कराने के लिए फार्मासिस्ट अनिवार्य है। दवाओं की बिक्री के दौरान भी फार्मासिस्ट उपलब्ध रहना अनिवार्य है। इसके साथ ही थोक दवाओं की बिक्री के लिए योग्य व्यक्ति द्वारा ही दवाओं की बिक्री किए जाने का नियम है।
घिरोर के दो मेडिकल स्टोर पर लगे फार्मासिस्टों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद एक्ट की धारा 22(1)डी के तहत दवाओं की बिक्री रोकी गई है। दवाओं की रिकवरी के लिए थोक मेडिकल स्टोर संचालकों को भी पत्र भेजा गया है।
उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।
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घिरोर में संचालित बघेल मेडिकल स्टोर और राम एंड श्याम मेडिकल हाउस के नाम खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने फुटकर दवा बिक्री का लाइसेंस जारी किया गया है। दोनों मेडिकल स्टोर पर कार्यरत फार्मासिस्टों ने विगत दिनों ने इस्तीफा दे दिया था। इस पर औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान दवाओं की बिक्री होती मिली। इस पर औषधि एवं प्रसाधन एक्ट की धारा 22(1) डी के तहत दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। मेडिकल स्टोर पर इसका नोटिस भी चस्पा किया गया है। थाने को भी जल्द ही दवाओं की बिक्री रोकने के लिए पत्र भेजा जाएगा। इस दौरान औषधि अनुसेवक रामकुमार मौजूद रहे।
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दवाओं की रिकवरी के लिए भी लिखा पत्र
औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने दोनों मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित करने के साथ ही उपलब्ध दवाओं की वापसी के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने दोनों मेडिकल स्टोरों को दवा की बिक्री की है।
ये है नियम
नियमानुसार फुटकर दवाओं की बिक्री का लाइसेंस जारी कराने के लिए फार्मासिस्ट अनिवार्य है। दवाओं की बिक्री के दौरान भी फार्मासिस्ट उपलब्ध रहना अनिवार्य है। इसके साथ ही थोक दवाओं की बिक्री के लिए योग्य व्यक्ति द्वारा ही दवाओं की बिक्री किए जाने का नियम है।
घिरोर के दो मेडिकल स्टोर पर लगे फार्मासिस्टों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद एक्ट की धारा 22(1)डी के तहत दवाओं की बिक्री रोकी गई है। दवाओं की रिकवरी के लिए थोक मेडिकल स्टोर संचालकों को भी पत्र भेजा गया है।
उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।