{"_id":"69f0395d882120a6310267b6","slug":"md-student-death-body-found-in-hostel-room-mystery-deepens-in-agra-2026-04-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: 15 गोलियां खाने से नहीं हो सकती थी मौत, फिर कैसे गई महिला डॉक्टर की जान; ओवरडोज की कहानी पर नया अपडेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 15 गोलियां खाने से नहीं हो सकती थी मौत, फिर कैसे गई महिला डॉक्टर की जान; ओवरडोज की कहानी पर नया अपडेट
Tue, 28 Apr 2026 10:32 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 28 Apr 2026 10:32 PM IST
सार
आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के हॉस्टल में एमडी की छात्रा वर्तिका सिंह मृत मिलीं, पोस्टमार्टम में वजह साफ नहीं होने से मामला उलझ गया है। नींद की गोलियों से सुसाइड की आशंका के बीच विसरा जांच के लिए भेजा गया है। वहीं परिवार ने कई सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
महिला चिकित्सक की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरी बेटी होनहार थी। इकलाैती होने के कारण सबकी दुलारी थी। वह अच्छा मनोचिकित्सक बनना चाहती थी। इसलिए आगरा में एमडी की पढ़ाई करने आई थी। उन्हें नहीं पता था कि प्रवेश लेने के बाद कुछ दिन बाद ही ऐसा कुछ हो जाएगा। यह कहते हुए मां अनीता सिंह फूट-फूटकर रोने लगीं।
विज्ञापन
Trending Videos
मां ने कहा कि संस्थान और पुलिस को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। मामला दवा के ओवरडोज का नहीं हो सकता है। वर्तिका का जिस चिकित्सक से उपचार चल रहा था, उसने कहा था कि बेटी को जो दवा लिखी है, उसकी अगर वो 15 गोलियां भी खा लेगी तो भी कुछ नहीं होगा। सिर्फ ज्यादा नींद आ सकती है। ऐसे में वो दवा के ओवरडोज से कैसे मर सकती है?
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि बेटी एक ही बात कहती थी कि मनोचिकित्सक बनकर मरीजों की सेवा करनी है। ऐसे में बेटी कभी जान नहीं दे सकती है। शनिवार रात बातचीत में भी उसने यह सब बातें बताई थीं। अपने लिए एक बड़ा फ्रिज भी ऑनलाइन खरीदा था। वह डिलीवर होने वाला था। वह मरीजों को अधिक समय देती थी। उसकी रिपोर्ट अन्य से अलग होती थी। वह कहती थी कि कई चिकित्सक मरीजों को समय नहीं देते हैं। वह बेटे के घर आने का इंतजार कर रही हैं। अंतिम संस्कार के बाद न्याय के लिए लड़ाई लड़ेंगी।
जांच कमेटी ने बयान दर्ज करने के लिए दिए नोटिस
संस्थान निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि मामले की आंतरिक जांच तीन सदस्यीय समिति कर रही है। इसमें डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. चंचल चंद्रा और डॉ. सुमिता मिश्रा हैं। चरणबद्ध तरीके से स्टाफ और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके आधार पर विभागीय कार्रवाई होगी।
संस्थान निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि मामले की आंतरिक जांच तीन सदस्यीय समिति कर रही है। इसमें डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. चंचल चंद्रा और डॉ. सुमिता मिश्रा हैं। चरणबद्ध तरीके से स्टाफ और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके आधार पर विभागीय कार्रवाई होगी।
ओडिशा से किया था एमबीबीएस
हरीपर्वत पुलिस की पूछताछ में परिजन से पता चला कि वर्तिका सिंह ने वर्ष 2022 में ओडिशा के बरहामपुर मेडिकल काॅलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। फरवरी 2026 में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में एमडी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। वह होनहार थीं। वह आगरा के कॉलेज में पढ़ाई नहीं करना चाहती थीं। मगर आगरा में प्रवेश मिलने के बाद पढ़ाई में लग गईं। वह पढ़ाई के दाैरान ही अवसाद का शिकार हो गई थीं।
हरीपर्वत पुलिस की पूछताछ में परिजन से पता चला कि वर्तिका सिंह ने वर्ष 2022 में ओडिशा के बरहामपुर मेडिकल काॅलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। फरवरी 2026 में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में एमडी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। वह होनहार थीं। वह आगरा के कॉलेज में पढ़ाई नहीं करना चाहती थीं। मगर आगरा में प्रवेश मिलने के बाद पढ़ाई में लग गईं। वह पढ़ाई के दाैरान ही अवसाद का शिकार हो गई थीं।
इस कारण दिल्ली के डाॅक्टर से उपचार कराया गया। 26 मार्च को वर्तिका ने नींद की दवा की ओवरडोज ले ली थी। 27 मार्च से 21 अप्रैल तक वर्तिका अपने घर में ही रही। उसका उपचार चिकित्सक से कराया गया। स्थिति में सुधार होने के बाद मां ने काॅलेज भेजा था। मां ने बताया कि शनिवार रात बेटी से बात की थी। काफी देर बातचीत में ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे यह लगे कि वह आत्महत्या कर लेगी।