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श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण: वादी ने कोर्ट में सौंपे साक्ष्य, दावा- मस्जिद की दीवारों से ओम और शंख हटाए गए
Sat, 11 Sep 2021 10:41 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 11 Sep 2021 10:41 AM IST
सार
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने सीनियर सिविल जज की अदालत में मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद के करीब आठ ऐसे फोटोग्राफ सौंपे हैं, जिनमें मस्जिद की दीवारों से हिंदू धर्म के चिन्हों को हटाने या फिर वह आज भी वहां कुछ चिन्ह मौजूद होने का दावा किया गया है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान और पास में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित जमीन प्रकरण में वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को मंदिर से संबंधित कुछ तस्वीरें और सीडी साक्ष्य के तौर पर अदालत को सौंपी है। उन्होंने दावा किया है कि औरंगजेब द्वारा ठाकुर केशवदेव के असल गर्भगृह के रूप में बने मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया गया था।
इसी के चलते श्रीकृष्ण जन्मस्थान से चंद कदमों की दूरी पर बनी शाही ईदगाह मस्जिद की दीवारों पर हिंदू धर्म के चिन्ह अंकित हैं। जबकि कुछ चिन्हों को इन दीवारों से हटा दिया गया है। इसी से संबंधित कई साक्ष्य अदालत को सौंपे गए हैं।
संबंधित खबर- श्रीकृष्ण जन्मभूमि: तीन बार टूटा और चार बार बनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर, यह है इतिहास
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मथुरा के सीनियर सिविल जज की अदालत में पेश की गईं तस्वीरें और सीडी में कई स्थानों से ओम और शंख और स्वास्तिक हटाने का दावा किया गया है। जबकि मस्जिद में आज भी कमल के फूल और शेषनाग बने हैं। वादी के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि साक्ष्यों की सूची को अदालत को सौंपा है। इसमें हिंदू धर्म से जुड़े कई साक्ष्य हैं। केस में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
यह भी पढ़ें- योगी के संदेश से हर्ष: कन्हैया की जन्मभूमि में अब नहीं बिकेगी मांस-मदिरा, ऊर्जा मंत्री बोले-धार्मिक पर्यटन का बनाएंगे हब
दावा: मस्जिद का बेस मंदिर पर ही बना हुआ है
वादी का दावा है कि शाही ईदगाह मस्जिद के जो पिलर हैं, वह मंदिर के ही पिलर हैं। मस्जिद भी मंदिर के इन पिलरों पर खड़ी हुई है। यह पिलर आज भी कमल आकृति के रूप में हैं। इन पर बने स्थापत्य कला के चिन्ह उकेरे गए हैं।
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इसी के चलते श्रीकृष्ण जन्मस्थान से चंद कदमों की दूरी पर बनी शाही ईदगाह मस्जिद की दीवारों पर हिंदू धर्म के चिन्ह अंकित हैं। जबकि कुछ चिन्हों को इन दीवारों से हटा दिया गया है। इसी से संबंधित कई साक्ष्य अदालत को सौंपे गए हैं।
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मथुरा के सीनियर सिविल जज की अदालत में पेश की गईं तस्वीरें और सीडी में कई स्थानों से ओम और शंख और स्वास्तिक हटाने का दावा किया गया है। जबकि मस्जिद में आज भी कमल के फूल और शेषनाग बने हैं। वादी के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि साक्ष्यों की सूची को अदालत को सौंपा है। इसमें हिंदू धर्म से जुड़े कई साक्ष्य हैं। केस में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
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दावा: मस्जिद का बेस मंदिर पर ही बना हुआ है
वादी का दावा है कि शाही ईदगाह मस्जिद के जो पिलर हैं, वह मंदिर के ही पिलर हैं। मस्जिद भी मंदिर के इन पिलरों पर खड़ी हुई है। यह पिलर आज भी कमल आकृति के रूप में हैं। इन पर बने स्थापत्य कला के चिन्ह उकेरे गए हैं।
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