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मथुरा: पुलिस ने महज 55 घंटे में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया बालक, बेटे को देख बेहोश हो गई मां, परिवार में छाई खुशियां

Sun, 13 Mar 2022 07:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 13 Mar 2022 07:49 PM IST
सार

घर के बाहर से खेलने के दौरान अगवा किए गए बालक को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस अपहरण कांड के मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। फरार अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

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Mathura Police rescued kidnapped boy from kidnappers in just 55 hours
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त हुए बेटे को देख बेहोश हो गई मां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगवा हुए अंश उर्फ यश की 55 घंटे में पुलिस ने फिरोजाबाद बस अड्डे से सकुशल बरामदगी कर ली है। पुलिस ने बालक को परिवार को सौंप दिया है। मुख्य आरोपी को हिरासत में लेते हुए दो अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही है। पुलिस ने बालक को फिरोजाबाद से बरामद तो कर लिया है, लेकिन खुलासा नहीं किया। 

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थाना गोविंदनगर के जमुनानगर (सरस्वती कुंड) निवासी परमानंद का आठ साल का बालक अंश 11 मार्च को घर के बाहर खेलते हुए अगवा हो गया था। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बालक की सकुशल बरामदगी के लिए सात टीमों को लगाया था। 55 घंटे तक कड़ी मेहनत और अपहरणकर्ताओं का पीछा करके पुलिस ने बालक की सकुशल बरामदगी कर ली है। एसएसपी ने बताया कि बालक की सकुशल बरामदगी कर ली गई है। मुख्य अपहरणकर्ता पुलिस हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसके दो साथियों की भी तलाश की जा रही है। पूरे मामले का खुलासा सोमवार को किया जाएगा।

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बालक को देखकर मां हो गई बेहोश

परमानंद के इकलौते बेटे अंश उर्फ यश को थाने पर देखकर मां अनीता शर्मा बेहोश होकर गिर पड़ी। साथ की महिलाओं ने उसे पानी पिलाकर शांत किया। 

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बालक को देखकर मां और बहन चंचल शर्मा भी काफी खुश नजर आ रही थीं। उससे पहले पूरा परिवार बालक की सलामती की प्रार्थना करता रहा। ऑटो चालक परमानंद से मांगी गई छह लाख रुपये की फिरौती से पूरे परिवार का हाल बेहाल हो गया था। ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करके जीवनयापन करने वाले परमानंद को पुलिस पर पूरा विश्वास था।

भाई को पाकर खुश 

इकलौते भाई अंश को अपने पास देखकर बड़ी बहन चंचल काफी खुश नजर आ रही थी। बार-बार भाई को प्यार करती रही। हालांकि बालक के चेहरे को देखकर दहशत साफ नजर आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि उसे अपहरणकर्ताओं ने धमकाया या फिर पीटा भी होगा। उसको भूखा भी रखा गया होगा। 

इनके नेतृत्व में थीं 7 टीमें 

एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह, सीओ सिटी अभिषेक तिवारी, एसएचओ गोविंदनगर संजय कुमार पांडेय, हाईवे प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, कोतवाल विजय कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी धीरज गौतम, सर्विलांस प्रभारी सोनू कुमार, स्वाट टीम, एसआई पुष्पेंद्र कुमार, एसआई अनुराग यादव आदि थे। 

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