श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: हिंदू आर्मी के दावे पर सुनवाई टली, 19 फरवरी को आ सकता है फैसला
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मथुरा की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर हिंदू आर्मी की ओर से दाखिल दावे पर एक बार फिर सुनवाई नहीं हो पाई। सीनियर सिविल जज के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई अब 19 फरवरी को होगी। बता दें कि इसी अदालत में श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह की ओर से वाद दाखिल हो चुका है, इस पर सुनवाई चल रही है।
हिंदू आर्मी के चीफ मनीष यादव ने खुद भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटवाने के लिए दावा पेश किया है। उन्होंने दावे में कहा है कि उनका अधिकार है कि वह अपने पूर्वज की जमीन से शाही मस्जिद ईदगाह के अतिक्रमण को हटवाएं।
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मनीष यादव ने दावे में अदालत से इस जमीन को लेकर पूर्व में हुई समझौते की डिक्री (न्यायिक निर्णय) को रद्द करने की अपील की है। इस पर अदालत ने चार जनवरी को हिंदू आर्मी के दावे में कुछ कागजात की कमी होने के कारण 15 जनवरी की तारीख दी थी। इसके बाद केस पर निर्णय लेने के लिए 18 और 29 जनवरी की तारीख दी।
शुक्रवार को वादी मनीष यादव को अदालत में पहुंचे, लेकिन सीनियर सिविल जज अवकाश पर थे। इसके कारण उनके दावे पर सुनवाई नहीं हो सकी। मनीष यादव ने बताया कि अदालत में न्यायाधीश अवकाश पर थे, जिसके कारण सुनवाई के लिए 19 फरवरी की तारीख दी गई है।
इससे पहले चल रहा है यह मामला
हिंदू आर्मी चीफ मनीष यादव से पूर्व 'श्रीकृष्ण विराजमान' की ओर से 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक के लिए रंजना अग्निहोत्री जिला जज की अदालत में वाद दाखिल कर चुकी हैं। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने श्रीकृष्ण विराजमान का पक्षकार बनने के लिए आए नौ प्रार्थनापत्रों को निरस्त कर दिया।