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कृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण: शैलेन्द्र सिंह की याचिका कोर्ट ने की खारिज, न्यायालय ने पहले लगाया है जुर्माना

Fri, 30 Sep 2022 06:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 30 Sep 2022 06:00 PM IST
सार

हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच के अधिवक्ता ने विधि छात्राओं के साथ जिला जज की अदालत में दावा किया था, जिसकी सुनवाई एडीजे सप्तम के यहां चल रही थी। पक्षकार के न पहुंचने पर विपक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने निर्णय सुनाया। 
 

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Mathura Janmbhoomi Case Court dismissed Shailendra Singh petition in Shri Krishna Janmasthan
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण में एडीजे सप्तम की अदालत ने हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच के अधिवक्ता शैलेद्र सिंह के दावे को खारिज कर दिया है। अदालत ने पक्षकार अधिवक्ता को अंतिम अवसर दिया था। दावा खारिज करने का निर्णय अदालत ने विपक्षी शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर आदि की बहस सुनने के बाद लिया। 
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श्री कृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन को लेकर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद चल रहा है। हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच के अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने मई 2022 में जिला जज राजीव भारती की अदालत में श्री कृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन से शाही ईदगाह मस्जिद को हटवाने के लिए जिला जज की अदालत में दावा किया। दावे की सुनवाई जिला जज की अदालत से एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में चली गई।
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बहस सुनने के लिए दिया था अंतिम अवसर

विगत कई तारीख पर पक्षकार के अदालत न आने पर दो दफा जुर्माना भी किया गया। इसके बाद अदालत ने पक्षकार को अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम अवसर भी प्रदान किया। शुक्रवार को सुनवाई के नियत तारीख पर पक्षकार अदालत नहीं पहुंचे, जिसके बाद अदालत ने विपक्षीगणों में से एक शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद की बहस सुनी। बहस सुनने के बाद अदालत ने दावे को खारिज कर दिया। शाही ईदगाह के सचिव ने बताया कि पक्षकार द्वारा लगातार केस की सुनवाई में लापरवाही बरती जा रही थी, जिसे लेकर अदालत ने जुर्माना भी किया तथा अंतिम अवसर भी प्रदान किया। शुक्रवार को अदालत ने दावे को खारिज कर दिया है।
 
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