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मेरी पहचान मेरी लाडलीः बेटियों ने साबित किया वे हैं अपने पिता का असली धन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला टाउनशिप (मथुरा)
Updated Wed, 17 Jan 2018 07:00 PM IST
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माता-पिता के साथ प्रियंका
- फोटो : अमर उजाला
‘ये हौंसलों की उड़ान है, इनकी मंजिल सातवां आसमान है।’ छोटे से गांव कोयला अलीपुर में खेतों में मजदूरी करने वाले सुरेंद्र ने अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए जी तोड़ मेहनत की।
फीस भरने के लिए घर में रुपये नहीं थे तो साहूकार से कर्ज ले लिया, लेकिन बेटियों की शिक्षा को नहीं रुकने दिया। गांव कोयला अलीपुर के सुरेंद्र मूलत: राजस्थान के रहने वाले हैं। गांव में खेतों में मजदूरी करते हैं। उनकी तीन बेटियां है।
बेटियों में पढ़ने की लगन थी, लेकिन पिता के पास धन का अभाव था। बड़ी बेटी प्रियंका की आंखों में पुलिस में भर्ती होने का सपना पल रहा था।
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फीस भरने के लिए घर में रुपये नहीं थे तो साहूकार से कर्ज ले लिया, लेकिन बेटियों की शिक्षा को नहीं रुकने दिया। गांव कोयला अलीपुर के सुरेंद्र मूलत: राजस्थान के रहने वाले हैं। गांव में खेतों में मजदूरी करते हैं। उनकी तीन बेटियां है।
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बेटियों में पढ़ने की लगन थी, लेकिन पिता के पास धन का अभाव था। बड़ी बेटी प्रियंका की आंखों में पुलिस में भर्ती होने का सपना पल रहा था।
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हिम्मत नहीं हारी
माता-पिता के साथ प्रियंका
- फोटो : अमर उजाला
बेटियों के सपनों को पूरा करने के लिए पिता सुरेंद्र कुमार ने खेतों में मजदूरी की। कई बार ऐसा मौका आया जब बेटियों के स्कूलों में फीस भरनी थी और घर में धेला भी नहीं था।
सुरेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी, साहूकारों से कर्ज ले लिया, लेकिन बेटियों की पढ़ाई बंद नहीं होने दी। सुरेंद्र की बड़ी बेटी प्रियंका पुलिस में कांस्टेबल बन गई है।
दूसरी बेटी प्रीति अपना ब्यूटीपार्लर चला रही है तीसरी बेटी चंचल शहर के प्रतिष्ठित बीएसए कालेज से बीएससी की पढ़ाई कर रही है। मां कमलेश अपनी बेटियों का हर सपना पूरा करना चाहती है।
सुरेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी, साहूकारों से कर्ज ले लिया, लेकिन बेटियों की पढ़ाई बंद नहीं होने दी। सुरेंद्र की बड़ी बेटी प्रियंका पुलिस में कांस्टेबल बन गई है।
दूसरी बेटी प्रीति अपना ब्यूटीपार्लर चला रही है तीसरी बेटी चंचल शहर के प्रतिष्ठित बीएसए कालेज से बीएससी की पढ़ाई कर रही है। मां कमलेश अपनी बेटियों का हर सपना पूरा करना चाहती है।