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DBRAU: मार्कशीट की गलतियां विवि के लिए चुनौती, डिग्री से पहले दस्तावेजों की जंग, सुधार को भटक रहे छात्र

Sat, 27 Jun 2026 10:03 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 27 Jun 2026 10:03 AM IST
सार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में मार्कशीट की गलतियां छात्रों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। गलत अंक, विषय और नाम सुधारने के लिए छात्रों को एक से दो माह तक विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि प्रतिदिन कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
 

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Marksheet Errors Trouble Students University Visits Continue for Months Over Corrections
आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में मार्कशीट की गलतियां चुनौती बनी हैं। प्रतिदिन 6 से अधिक छात्र-छात्राएं यह शिकायत लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय आते हैं। यहां पर शिकायत दर्ज कर ली जाती है लेकिन समाधान का समय नहीं दिया जाता है। इस वजह से छात्रों को विवि के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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परीक्षा और परीक्षाफल घोषित होने पर छात्रों को ऑनलाइन मार्कशीट प्रदान की जाती है। इन मार्कशीट में कोई न कोई गलती छात्रों को परेशान कर देती है। पिछले कई दिनों से सेंट जोंस कॉलेज के छात्र एक विषय में गलत अंक चढ़ने की वजह से विवि के चक्कर काट रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में शिकायत दर्ज होने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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विवि की हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन मार्कशीट संबंधी 12 से अधिक समस्या दर्ज होती हैं। मार्कशीट में अंक या विषय गलत के अलावा पिता या छात्र का नाम ठीक से अंकित न होने की शिकायत रहती है। जबकि विवि प्रशासन की तरफ से छात्रों की समस्याओं का तेजी से समाधान करने का दावा किया जाता है, लेकिन सच्चाई अलग है।


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मार्कशीट सुधार कराने में छात्रों में एक से दो माह का समय लग जाता है। इसकी वजह मार्कशीट का कार्य एजेंसी के पास होना है। छात्रों की शिकायत को कर्मचारी एजेंसी भेज देते हैं, वहां से सुधार होने में समय लगता है। छात्र नेता गौरव शर्मा का कहना है कि मार्कशीट की गलती को ठीक कराना आसान नहीं है। इसके लिए अलग से एक हेल्प डेस्क होनी चाहिए।

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रिकॉर्ड की वजह से आती है दिक्कत
परीक्षा नियंत्रक डॉ.ओमप्रकाश ने बताया कि मार्कशीट की गलतियों में सुधार का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कुछ मामलों में दिक्कत रिकॉर्ड की वजह से आती है। उस दिशा में भी काम किया जा रहा है।

 
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