आगरा में कोरोना: 16 चिकित्सक और 23 कर्मचारी संक्रमित, एसएन में मरीजों के इलाज पर संकट !
- इमरजेंसी में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी, आइसोलेशन वार्ड भरा
- कोविड-नॉन कोविड मरीजों के इलाज में आ रही परेशानी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक तरफ 16 चिकित्सक और 23 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, वहीं गंभीर मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। नॉन कोविड मरीजों की संख्या में भी उछाल आया है। इससे मेडिकल कालेज में दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। सप्ताहभर में 39 चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने से अब कोविड-नॉन कोविड मरीजों के इलाज पर असर पड़ने लगा है।
एक ओर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए तो दूसरी ओर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। इमरजेंसी में नॉन कोविड और कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के लिए बने वार्ड फुल हो गए हैं। मजबूरी में मरीजों को आठ से दस घंटे में यहां से वार्ड में शिफ्ट करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 60 बेड हैं। बीते सप्ताह से हर दिन 30 से 35 मरीज गंभीर हाल में भर्ती हो रहे हैं। इससे पहले केवल 20 मरीज तक ही यहां आ रहे थे। मरीजों की स्क्रीनिंग करने के बाद पांच से सात मरीजों की कोविड जांच भी कराई जा रही है। संदिग्ध मरीजों को छह बेड के अतिरिक्त आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अब कोविड और नॉन कोविड वार्ड में बेड खाली नहीं हैं।
18 बेड बढ़ाने की योजना
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 18 बेड और बढ़ाने की तैयारी चल रही है। भर्ती होने वाले मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
15 जूनियर डॉक्टर हो गए संक्रमित
अप्रैल माह में ही अब तक 15 जूनियर डॉक्टर और एक वरिष्ठ चिकित्सक और दो वार्ड ब्वाय शामिल हैं। पांच विभागीय बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। इनमें से सात लोग ठीक हो चुके हैं। बाकी स्वास्थ्यकर्मी होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं।
इमरजेंसी-वार्ड में कार्य प्रभावित
इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड और कोविड अस्पताल में चिकित्सक और कर्मचारी सेवाएं दे रहे थे। इनके संक्रमित होने से मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। टेलीमेडिसिन सेवा भी संचालित होने और कोविड में मरीज बढ़ने से अस्पताल प्रशासन पहले से ही इनकी कमी से जूझ रहा है।