Amarnath Cloudburst: बादल फटने के बाद अमरनाथ में फंसे आगरा के कई श्रद्धालु, परिवार के लोग बेचैन
पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ के बाद आगरा के कई श्रद्धालु वहां फंस गए हैं। उनके परिजन फोन के माध्यम से पल-पल की खबर ले रहे हैं। फोन न लगने पर परेशान हो जाते हैं।
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जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की खबर से आगरा से अमरनाथ दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के परिवार के लोग चिंतित हैं। आगरा से दो बसों के श्रद्धालु भारी मुश्किलों के बीच दर्शन करके जम्मू सकुशल पहुंच गए हैं, लेकिन अब भी श्रद्धालु जम्मू से बालटाल के बीच फंसे हुए हैं। उनके परिजन फोन पर पलपल की खबर ले रहे हैं।
लॉकडाउन के बाद शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को लेकर इस बार खासा उत्साह था। आगरा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ दर्शन को पहुंचे हैं। राजपुर चुंगी के रहने वाले बबलू पंडित भी राजपुर चुंगी, जंगजीत नगर के 40 श्रद्धालुओं के साथ तीन दिन पहले अमरनाथ यात्रा के लिए निकले हैं।
फोन न लगने पर परेशान परिजन
बबलू पंडित की पत्नी किरन शर्मा ने बताया कि पति का कल से फोन नहीं मिल रहा है। साथ गए राहुल समेत किसी का कॉल नहीं मिल पा रहा है। शिमला में रहने वाले उनके रिश्तेदार ने अमरनाथ में बादल फटने की खबर दी है, तभी से वह संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं। इसी तरह जंगजीत नगर के दिनेश के परिवारीजन भी चिंतित हैं। संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
उधर, आगरा से दो बसों में पहुंचे 49 और 39 श्रद्धालु दर्शन करके सकुशल जम्मू पहुंच गए हैं। यात्रा कन्वीनर गोविंद मोहन शर्मा ने बताया कि आगरा से चार जुलाई को बालटाल के रास्ते से पहुंचे थे। पांच जुलाई को दर्शन करने थे मगर भारी बारिश के कारण दर्शन के लिए ऊपर नहीं पहुंचे। छह जुलाई को दर्शन हो सके मगर फिर से खराब मौसम के कारण तुरंत लौटना पड़ा। राजू चाहर, राजीव सिंह, भोकम सिंह समेत 88 तीर्थयात्री जम्मू पहुंच चुके हैं।
बादल फटने से हुई थी 16 श्रद्धालुओं की मौत
शुक्रवार शाम को पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आने से 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। 40 से अधिक लापता और 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पूरे मामले में नजर बनाए हुए हैं। राष्ट्रपति ने भी इस घटना पर दुख जताया है।