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अब मनरेगा में प्रधान नहीं कर सकेंगे गोलमाल
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मैनपुरी। मनरेगा योजना में होने वाले गोलमाल को रोकने के लिए अब निगरानी कड़ी कर दी है। इसके लिए प्रत्येक कार्य को देखकर रोजाना सोशल ऑडिट टीम शासन को रिपोर्ट भेजेगी। इसमें कार्य से संबंधित सभी जानकारियां दी जाएंगी। बाद में मनरेगा से भी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे गड़बड़ी पकड़ में आ जाएगी।
जिले में करोड़ों की लागत से हर साल मनरेगा कार्य कराए जाते हैं। इसमें मजदूर अधिक दिखाकर जमकर गोलमाल किया जाता है। बाद में जब सोशल ऑडिट होता है तो ये पता नहीं चल पाता है। ऐसे में सरकारी धनराशि का खूब बंदरबांट होता रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए सोशल ऑडिट टीम रोजाना अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यों की रिपोर्ट, कार्यस्थल की फोटो समेत शासन को भेजेगी।
इसके बाद मनरेगा से भी शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। दोनों में अगर कोई अंतर पाया जाता है तो मामला पकड़ में आ जाएगा। कहीं न कहीं फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान रोकने के लिए ये निर्णय लिया गया है। आदेश आने के बाद प्रधान और रोजगार सेवकों के साथ पंचायत सचिवों में भी खलबली मची हुई है।
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सभी ग्राम पंचायतों में चल रहे हैं कार्य
प्रवासी श्रमिकों के आने के बाद प्राथमिकता पर गांवों में मनरेगा के तहत कार्यों के सृजन के आदेश दिए गए हैं। इससे श्रमिकों को काम मिल सके। वर्तमान में जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। ऐसे में अभी सोशल ऑडिट की रिपोर्ट कार्य में पारदर्शिता लाएगी।
- शासन से मनरेगा कार्यों की मौके पर जाकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए आदेश जारी किया गया है। सभी ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। उनके द्वारा रिपोर्ट भेजी जा रही है। - मंजू यादव, जिला सोशल ऑडिट को-ऑर्डिनेटर।
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जिले में करोड़ों की लागत से हर साल मनरेगा कार्य कराए जाते हैं। इसमें मजदूर अधिक दिखाकर जमकर गोलमाल किया जाता है। बाद में जब सोशल ऑडिट होता है तो ये पता नहीं चल पाता है। ऐसे में सरकारी धनराशि का खूब बंदरबांट होता रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए सोशल ऑडिट टीम रोजाना अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यों की रिपोर्ट, कार्यस्थल की फोटो समेत शासन को भेजेगी।
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इसके बाद मनरेगा से भी शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। दोनों में अगर कोई अंतर पाया जाता है तो मामला पकड़ में आ जाएगा। कहीं न कहीं फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान रोकने के लिए ये निर्णय लिया गया है। आदेश आने के बाद प्रधान और रोजगार सेवकों के साथ पंचायत सचिवों में भी खलबली मची हुई है।
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सभी ग्राम पंचायतों में चल रहे हैं कार्य
प्रवासी श्रमिकों के आने के बाद प्राथमिकता पर गांवों में मनरेगा के तहत कार्यों के सृजन के आदेश दिए गए हैं। इससे श्रमिकों को काम मिल सके। वर्तमान में जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। ऐसे में अभी सोशल ऑडिट की रिपोर्ट कार्य में पारदर्शिता लाएगी।
- शासन से मनरेगा कार्यों की मौके पर जाकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए आदेश जारी किया गया है। सभी ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। उनके द्वारा रिपोर्ट भेजी जा रही है। - मंजू यादव, जिला सोशल ऑडिट को-ऑर्डिनेटर।