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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मनोज और अर्चना ने किया नामांकन
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मैनपुरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को दो नामांकन हुए। पहला नामांकन सपा प्रत्याशी मनोज यादव ने दाखिल किया। दूसरा नामांकन भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया ने दाखिल किया। प्रत्याशियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को अपने नामांकन पत्र सौंपे।
चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार शनिवार को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन हुए। कलक्ट्रेट स्थित जिला मजिस्ट्रेट कक्ष को इसके लिए नामांकन स्थल बनाया गया था। सुबह से ही नामांकन कक्ष में जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह के अलावा सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रेमप्रकाश और अनूप कुमार मौजूद रहे। दोपहर 12 बजे के करीब सबसे पहले सपा प्रत्याशी मनोज यादव नामांकन दाखिल करने पहुंचे।
उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव और जिला पंचायत सदस्य अवनीश कुमार थे। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को अपना नामांकन पत्र सौंपा। नामांकन करने के बाद लौटे जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव ने पत्रकारों से वार्ता में अपनी जीत का दावा किया। इसके कुछ देर बाद भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया नामांकन करने पहुंचीं।
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उनके साथ कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, बृज क्षेत्र उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता मौजूद रहे। अर्चना भदौरिया ने जिला मजिस्ट्रेट को दो सेटों में नामांकन पत्र सौंपा। उन्होंने भी पत्रकारों से वार्ता में अपनी जीत को तय बताया। शाम तक कुल दो ही नामांकन हुए। ऐसे में सपा और भाजपा के बीच ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए असली मुकाबला होगा। संख्या बल के अनुसार सपा का पलड़ा भारी है, हालांकि किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।
सुरक्षा के किए गए थे कड़े इंतजाम
नामांकन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कलक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर पुलिस तैनात कर दी गई थी। लोहिया पार्क की तरफ स्थित गेट से नामांकन करने पहुंचे प्रत्याशियों को प्रवेश दिया गया। यहां से जिलाधिकारी कार्यालय के गेट से पहले ही समर्थकों को पुलिस ने रोक दिया। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात रही। सीओ सिटी अभय नरायन राय, सीओ भोगांव अमर बहादुर सिंह और प्रभारी निरीक्षक भानूप्रताप आदि सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए कसरत करते रहे।
दावे के बाद बैकफुट पर आए सुजान सिंह यादव
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल चार नामांकन पत्र बिके थे। सपा और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा सुजान सिंह यादव और शिवी यादव ने नामांकन पत्र खरीदे थे। इसमें से शिवी यादव ने तो पहली नामांकन करने से मना कर दिया था, लेकिन सुजान सिंह यादव नामांकन करने की बात पर अड़े थे। लेकिन शनिवार को वे बैकफुट पर आ गए और नामांकन करने नहीं पहुंचे।
शाम तक चली नामांकन पत्रों की जांच
शनिवार को अपराह़्न तीन बजे तक जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच की गई। अधिकारी नामांकन पत्रों को बारीकी से जांचते रहे। नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब 29 जून को तीन बजे तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा।
ये है सदस्यों की स्थिति
-13 जिला पंचायत सदस्य सपा समर्थित
-08 जिला पंचायत सदस्य भाजपा समर्थित
-08 जिला पंचायत सदस्य निर्दल
-01 जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस समर्थित
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चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार शनिवार को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन हुए। कलक्ट्रेट स्थित जिला मजिस्ट्रेट कक्ष को इसके लिए नामांकन स्थल बनाया गया था। सुबह से ही नामांकन कक्ष में जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह के अलावा सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रेमप्रकाश और अनूप कुमार मौजूद रहे। दोपहर 12 बजे के करीब सबसे पहले सपा प्रत्याशी मनोज यादव नामांकन दाखिल करने पहुंचे।
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उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव और जिला पंचायत सदस्य अवनीश कुमार थे। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को अपना नामांकन पत्र सौंपा। नामांकन करने के बाद लौटे जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव ने पत्रकारों से वार्ता में अपनी जीत का दावा किया। इसके कुछ देर बाद भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया नामांकन करने पहुंचीं।
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उनके साथ कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, बृज क्षेत्र उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता मौजूद रहे। अर्चना भदौरिया ने जिला मजिस्ट्रेट को दो सेटों में नामांकन पत्र सौंपा। उन्होंने भी पत्रकारों से वार्ता में अपनी जीत को तय बताया। शाम तक कुल दो ही नामांकन हुए। ऐसे में सपा और भाजपा के बीच ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए असली मुकाबला होगा। संख्या बल के अनुसार सपा का पलड़ा भारी है, हालांकि किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।
सुरक्षा के किए गए थे कड़े इंतजाम
नामांकन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कलक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर पुलिस तैनात कर दी गई थी। लोहिया पार्क की तरफ स्थित गेट से नामांकन करने पहुंचे प्रत्याशियों को प्रवेश दिया गया। यहां से जिलाधिकारी कार्यालय के गेट से पहले ही समर्थकों को पुलिस ने रोक दिया। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात रही। सीओ सिटी अभय नरायन राय, सीओ भोगांव अमर बहादुर सिंह और प्रभारी निरीक्षक भानूप्रताप आदि सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए कसरत करते रहे।
दावे के बाद बैकफुट पर आए सुजान सिंह यादव
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल चार नामांकन पत्र बिके थे। सपा और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा सुजान सिंह यादव और शिवी यादव ने नामांकन पत्र खरीदे थे। इसमें से शिवी यादव ने तो पहली नामांकन करने से मना कर दिया था, लेकिन सुजान सिंह यादव नामांकन करने की बात पर अड़े थे। लेकिन शनिवार को वे बैकफुट पर आ गए और नामांकन करने नहीं पहुंचे।
शाम तक चली नामांकन पत्रों की जांच
शनिवार को अपराह़्न तीन बजे तक जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच की गई। अधिकारी नामांकन पत्रों को बारीकी से जांचते रहे। नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब 29 जून को तीन बजे तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा।
ये है सदस्यों की स्थिति
-13 जिला पंचायत सदस्य सपा समर्थित
-08 जिला पंचायत सदस्य भाजपा समर्थित
-08 जिला पंचायत सदस्य निर्दल
-01 जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस समर्थित