{"_id":"5ed3e6eb8ebc3e90885573d6","slug":"man-died-kasganj-news-agr4442025103","type":"story","status":"publish","title_hn":"कन्या दान के साथ ही पिता की हो गई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्या दान के साथ ही पिता की हो गई मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। कोरोना संकट के चलते इलाज कराने से महरूम पिता की पुत्री का कन्यादान करने के साथ ही मौत हो गई। इससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
बिलराम निवासी सुरेश को पीलिया हो गया था। उनका काफी दिनों से इलाज चल रहा था। लॉकडाउन के चलते वे अपने इलाज के लिए नहीं जा पाए। इससे उनकी हालत और बिगड़ गई। उन्होनें अपनी इकलौती बेटी शिवानी की शादी नरेंद्र पुत्र भूप सिंह निवासी नगला लालजीत जिरौली अलीगढ़ से तय कर दी थी। 5 जून को बारात आनी थी। बीमारी के चलते सुरेश ने वर पक्ष से शादी निर्धारित तिथि से पहले करने की बात की।
रजामंदी हो जाने के बाद वर पक्ष शनिवार को देर शाम को पांच लोगों के साथ वधु पक्ष के घर बारात लेकर पहुंच गए। शादी को लेकर घर में हंसी खुशी का माहौल था। विवाह की रस्मों का दौर चल रहा था। बेटी शुरू हो गया। उन्होंने शनिवार सुबह कन्यादान कर बेटी को विदा कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही तबियत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई।
बेटे भी शामिल नहीं हो सके अंतिम क्रिया में
कासगंज। लॉकडाउन की बजह से सुरेश के दो बेटे भी शादी में शामिल होने के लिए नहीं आ सके और न ही उनकी मौत हो जाने के बाद। उनके बड़े बेटे ने अपने पिता को मुखाग्रि दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिलराम निवासी सुरेश को पीलिया हो गया था। उनका काफी दिनों से इलाज चल रहा था। लॉकडाउन के चलते वे अपने इलाज के लिए नहीं जा पाए। इससे उनकी हालत और बिगड़ गई। उन्होनें अपनी इकलौती बेटी शिवानी की शादी नरेंद्र पुत्र भूप सिंह निवासी नगला लालजीत जिरौली अलीगढ़ से तय कर दी थी। 5 जून को बारात आनी थी। बीमारी के चलते सुरेश ने वर पक्ष से शादी निर्धारित तिथि से पहले करने की बात की।
रजामंदी हो जाने के बाद वर पक्ष शनिवार को देर शाम को पांच लोगों के साथ वधु पक्ष के घर बारात लेकर पहुंच गए। शादी को लेकर घर में हंसी खुशी का माहौल था। विवाह की रस्मों का दौर चल रहा था। बेटी शुरू हो गया। उन्होंने शनिवार सुबह कन्यादान कर बेटी को विदा कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही तबियत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
बेटे भी शामिल नहीं हो सके अंतिम क्रिया में
कासगंज। लॉकडाउन की बजह से सुरेश के दो बेटे भी शादी में शामिल होने के लिए नहीं आ सके और न ही उनकी मौत हो जाने के बाद। उनके बड़े बेटे ने अपने पिता को मुखाग्रि दी।
विज्ञापन