आगरा: गुरुद्वारा परिसर में बने कमरे में फंदे से लटका मिला जत्थेदार का शव, पुलिस मान रही आत्महत्या
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल परिसर में एक जत्थेदार ने आत्महत्या कर ली। उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। बताया गया है कि जत्थेदार माइग्रेन बीमारी से पीड़ित थे। 15 दिन पहले दवा लेने के लिए आगरा आए थे।
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आगरा के सिकंदरा स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल परिसर में बने कमरे में शुक्रवार दोपहर को जत्थेदार गुरतेज सिंह का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है।
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को सूचना मिली थी कि मूलरूप से बठिंडा, पंजाब निवासी गुरतेज सिंह (55) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस पर पुलिस पहुंच गई। पंचायतनामा भरने की कार्रवाई की गई।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया समन्वयक गुरनाम सिंह ने पुलिस को बताया कि गुरतेज सिंह पीलीभीत स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक देव जी के जत्थेदार थे। उन्हें माइग्रेन की परेशानी थी। वह अक्सर दवा लेने आते थे। वह 15 दिन पहले आए थे। शुक्रवार सुबह दस बजे उन्होंने सभी लोगों से बात की।
अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा
इसके बाद अपने कमरे में चले गए। दोपहर तकरीबन 12 बजे एक सेवादार उन्हें लंगर में ले जाने के लिए कमरे पर गया। मगर, कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर सेवादार ने परिसर में बने कार्यालय में बताया। इस पर दरवाजा तोड़ा गया और पुलिस को सूचना दी गई।
कमरे में पंखे से गुरतेज सिंह का शव लटका हुआ था। उनको फंदे से उतारा गया। उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायण ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
माइग्रेन की बीमारी से थे परेशान
गुरतेज सिंह पीलीभीत स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक देव जी के जत्थेदार थे। उन्हें माइग्रेन की परेशानी थी। वह अकसर दवा लेने आते थे। वह 15 दिन पहले आए थे। तब से यहां रह रहे थे। उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायण ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।