आगरा में चल रहा था ठगी का दफ्तर: नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार
आगरा के एक अपार्टमेंट में ठगी का दफ्तर चल रहा था। नौकरी का झांसा देकर यहां बेरोजगार युवकों को बुलाया गया और रुपये जमा करा लिए गए। नौकरी नहीं मिलने पर युवकों ने हंगामा किया। इस पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों सहित राजस्थान, बिहार और गुजरात के युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी की गई। आरोप है कि उन्हें आगरा बुला लिया गया। सिकंदरा क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में ऑफिस बनाकर इंटरव्यू लिए गए। इसके बाद खाना और आवास के नाम पर रकम जमा करा ली। मंगलवार को ठगी का पता चलने पर युवकों ने रकम वापस मांगी। इस पर इनकार कर दिया। युवकों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी पकड़ लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।
बिहार के बक्सर निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि वह एक स्टील प्लांट में काम करता है। 19 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। इसमें एक व्यक्ति ने बात की। उसने कहा कि आपको नौकरी की जरूरत है। इस पर कमलेश ने पूछा कि नंबर किससे मिला। इस पर कॉल करने वाले ने कहा कि यह नंबर तुम्हारे दोस्त ने दिया है। इसके बाद एक कंपनी में अच्छी नौकरी का आश्वासन दिया। 27 फरवरी को इंटरव्यू के लिए सिकंदरा क्षेत्र में स्थित कार्यालय में बुलाया।
शुरुआत में 21500 रुपये जमा कराए
कमलेश के मुताबिक, इंटरव्यू लेने के बाद पास कर दिया। पब्लिक सेक्टर यूनिट में 30 हजार रुपये प्रतिमाह पर नौकरी दिलाने का वादा किया। यह भी बताया कि खाना और रहना भी मुफ्त होगा। मगर, शुरुआत में 21500 रुपये जमा करने होंगे। ऑफिस में 50 से अधिक बेरोजगार युवक आए थे। इनमें 20 से 45 साल तक के थे। यह देखकर कमलेश ने विश्वास कर लिया। उन्होंने अपने घर से रुपये मंगवाकर दे दिए। बाद में उन्हें पता चला कि कई और लोगों से इसी तरह ठगी की गई थी।
वाराणसी के असलम अंसारी, बिजनौर के कुलवंत सिंह और राजस्थान के कोटा निवासी प्रमोद सिंह से भी रकम जमा कराई गई थी। मगर, उनकी नौकरी नहीं लगी। मंगलवार को युवकों ने हंगामा कर दिया। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह का कहना है कि पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
अपार्टमेंट में खोला था ऑफिस
कमलेश ने बताया कि एक आरोपी इंटरव्यू ले रहा था। इसके लिए एक अपार्टमेंट में ऑफिस खुला हुआ था। कई बेरोजगार युवकों को 15 दिन पहले ही बुला लिया गया था। उन्हें ट्रेनिंग के नाम पर ऑफिस के बगल में बने कमरे में रोका गया था।
पहले भी हो चुकी है ठगी
आगरा में पूर्व में भी ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। पूर्व गोवा के लोगों को आगरा बुलाकर जहरखुरानी का शिकार बनाया गया था। होटल में नशे की चाय पिलाकर आरोपी भाग गया था। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मिलने के बाद भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका था। इसके अलावा हेलो गैंग लोगों से खाते में रकम जमा कराकर ठगी का शिकार बना चुका है।