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UP: मोबाइल गेम में डूबे 1.10 करोड़... तकादे से परेशान होकर दी जान; 80 लाख की प्रापर्टी भी कर चुका था बर्बाद

Thu, 10 Jul 2025 01:57 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, एटा
अमर उजाला नेटवर्क, एटा Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 10 Jul 2025 01:57 PM IST
सार

एटा में एक शख्स के मोबाइल गेम में 1.10 करोड़ डूब गए। साहूकारों के तकादे से परेशान होकर उसने जान दे दी। वह अपनी ही लगभग 80 लाख रुपये की प्रापर्टी भी बर्बाद कर चुका था। 

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Man 1.10 crores lost in mobile game he suicide due to harassment from money lenders in etah
मृतक युवक का फाइल फोटो - फोटो : संवाद

विस्तार

यूपी के एटा जिले में मोबाइल गेम के चक्कर में 1.10 करोड़ रुपये गंवाने के बाद कर्ज में एक व्यक्ति ने मंगलवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जिरसमी का है। 
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मृतक यतेंद्र सिंह (38) के छोटे भाई चंद्रकेतु का आरोप है कि साहूकारों के तकादे और धमकियों के कारण उनके भाई मानसिक रूप से परेशान थे। इसी के चलते उन्होंने खुदकुशी की।
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यतेंद्र ने साहूकारों से करीब 30 लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। साहूकार उन्हें परेशान कर रहे थे और पैसे न लौटाने पर गाली-गलौज कर धमकी दे रहे थे। परेशान यतेंद्र ने मंगलवार रात अंगोछे से फंदा लगा लिया। 
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परिजन उन्हें फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने यतेंद्र को मृत घोषित कर दिया। पत्नी व बच्चों सहित सभी परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। चंद्रकेतु ने बताया कि यतेंद्र अपनी कार को टैक्सी के तौर पर चलाते थे।

कोरोना काल में काम-धंधा बंद हो गया था। यतेंद्र को मोबाइल गेम की लत लग गई थी। इसमें उन्होंने अपनी लगभग 80 लाख रुपये की प्रापर्टी बर्बाद कर दी। कई बार मना किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। उन पर शहर के लोगों का लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज हो गया था।

महीने पर कमाई 15 हजार कर्ज की देनदारी 1.30 लाख
चंद्रकेतु ने बताया कि यतेंद्र ने आरओ और आटा चक्की का काम कर लिया था। इसमें महीने में करीब 15 हजार रुपये की कमाई होती थी। इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल था। कर्ज निपटाने के लिए हर महीने 1.30 लाख रुपये साहूकारों को अदा करने थे जिसमें वह पूरी तरह असमर्थ हो चुके थे।
 

चार माह में दो लोग कर्ज से परेशान होकर दे चुके हैं जान
कर्ज के बोझ तले दबकर इससे पहले दो लोग चार महीने में जान दे चुके हैं। 26 मार्च को कोतवाली नगर के गांव भगीपुर में एक युवक ने फंदा लगाकर तो 13 जून को थाना अवागढ़ क्षेत्र में पुलिस चौकी के अंदर होमगार्ड ने गोली मारकर जान दी थी।

 

गांव भगीपुर निवासी रामू बस स्टैंड और बसों के अंदर जाकर टॉफी, हींग व अन्य सामान बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रामू के ऊपर कर्ज हो गया था, जिसके चलते वह परेशान रहते थे। इसी तनाव में 26 मार्च को उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी।
 

दूसरी घटना 13 जून की है। कर्ज से परेशान अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव गदेसरा निवासी होमगार्ड सर्वेंद्रपाल ने पुलिस चौकी पोंड़री के अंदर ही तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। भाई महीपाल ने बताया कि इनके ऊपर लगभग 7 लाख रुपये का कर्ज था। इसके चलते मानसिक रूप से परेशान रहते थे।

 

परिजन के मुताबिक यतेंद्र ने फंदा लगाकर जान दी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। कोई तहरीर मिलती है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई भी की जाएगी। -अमित कुमार राय, सीओ सिटी
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