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जमीन घोटाला: ठेंगे पर रखे राजस्व परिषद के आदेश, यूं बिकती रही एडीए की बेशकीमती जमीन

Tue, 09 Jun 2026 10:10 AM IST
Dhirendra Singh देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 09 Jun 2026 10:10 AM IST
सार

आगरा में एडीए की बेशकीमती जमीन को राजस्व परिषद के आदेश के बावजूद वर्षों तक अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया है। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं और समिति के सचिव समेत कई लोगों पर एफआईआर की तैयारी की जा रही है।

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Major Land Scam in Agra: ADA Land Allegedly Sold Illegally for 10 Years Despite Government Orders
एडीए कार्यालय

विस्तार

आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित मोहम्मदपुर में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की बेशकीमती जमीन को अवैध रूप से बेचने का खेल 10 साल तक बेखौफ चलता रहा। राजस्व परिषद से जमीन के विनिमय (एक्सचेंज) को निरस्त करने के बाद भी फर्जीवाड़ा नहीं रुका। मुख्यमंत्री योगी तक शिकायत पहुंचने पर प्राधिकरण की नींद टूटी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही मिले हैं। अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
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मोहम्मदपुर में एडीए की जमीन के घोटाले में फंसी जिस जय बजरंग सहकारी आवास समिति पर शिकंजा कसने जा रहा है। वह कई वर्षों तक धड़ल्ले से एडीए की जमीन के बैनामे करती रही। उसके खिलाफ अब पुलिस जांच तेज हो गई है। दोषियों के खिलाफ जल्द ही प्राथमिकी हो सकती है।
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एडीए की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम मोहम्मदपुर की गाटा संख्या 215मि (रकबा 1.5060 हेक्टेयर) एडीए की संपत्ति है। इसका गाटा संख्या 276 के साथ वर्ष 1993 में विनिमय हुआ था। 28 जनवरी, 2016 को राजस्व परिषद ने इस विनिमय को निरस्त कर दिया। इसके बावजूद, जय बजरंग आवास समिति के सचिव प्रदीप बंसल (निवासी देहली गेट) इस जमीन के बैनामे करते रहे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2018, 2019, 2020, 2021, 2022, 2024 और 2025 में लगातार इस बेशकीमती जमीन को अवैध रूप से बेचा गया और आगे खरीदारों ने भी इसकी जमकर खरीद-फरोख्त की।
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रोक के बावजूद होते रहे बैनामे
एडीए ने 19 नवंबर, 2023 को उप निबंधक (सदर तहसील) को पत्र लिखकर गाटा संख्या 215 में बैनामे न करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, फिर भी वहां बार-बार बैनामे दर्ज होते रहे। बार-बार बैनामे होने और प्राधिकरण की अर्जित भूमि के खुर्द-बुर्द होने पर एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने 1 अप्रैल, 2026 को डीसीपी सिटी को पत्र लिखा। इसमें समिति और संबंधित खरीदार-विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

सहयोग नहीं कर रहे आरोपी
इस मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त (हरीपर्वत) अमीषा कर रही हैं। एडीए के राजस्व निरीक्षक कालीचरन पचौरी ने 15 अप्रैल, 2026 को जांच में अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। वहीं, नोटिस मिलने के बाद भी समिति के सचिव प्रदीप बंसल और अन्य क्रेता-विक्रेता पुलिस के सामने बयान दर्ज कराने उपस्थित नहीं हुए हैं, जिसके कारण जांच अभी लंबित है।


एफआईआर के लिए भेजा पत्र
आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार ने बताया कि एडीए की जमीन को अवैध ढंग से बेचा गया। समिति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए उपाध्यक्ष की तरफ से डीसीपी सिटी को पत्र भेजा था। जल्द प्राथमिकी दर्ज होगी।
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