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नकली दवा रैकेट: लखनऊ की टीम का 15 फर्मों पर छापा, सरकारी और संदिग्ध दवाएं मिलीं; तीन मेडिकल स्टोर सीज
Fri, 22 May 2026 12:13 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 22 May 2026 12:13 PM IST
सार
आगरा के फव्वारा क्षेत्र में औषधि विभाग की लखनऊ टीम ने नकली और संदिग्ध दवाओं के मामले में 15 मेडिकल फर्मों पर छापा मारकर 3 फर्मों को सीज कर दिया। जांच में बिल और स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने के साथ-साथ सरकारी सप्लाई की दवाएं भी बरामद की गई हैं, जिससे दवा बाजार में हड़कंप मच गया है।
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नकली दवा रैकेट पर छापा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
औषधि विभाग की लखनऊ मुख्यालय की टीम ने नकली और सरकारी दवाओं के मामले में फव्वारा स्थित 15 मेडिकल फर्मों पर छापा मारा। 10 घंटे तक मेडिकल स्टोरों के रिकाॅर्ड खंगाले। इनमें दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली है। नकली और सरकारी दवाएं भी मिली हैं। इनकी जांच के नमूने लिए जा रहे हैं। तीन फर्म सीज कर दी गई हैं। शुक्रवार को भी जांच होगी।
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लखनऊ में एक फर्म पर सरकारी और नामी कंपनी की हृदय, किडनी, पेट रोग समेत अन्य मर्ज की संदिग्ध दवाएं जब्त की हैं। इसके लैपटॉप, कंप्यूटर और रिकाॅर्ड खंगालने पर आगरा में 15 से अधिक फर्म ने दवाएं खरीदी हैं। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर औषधि विभाग मुख्यालय की विशेष टीम बनाई गई। इसमें कई जिलों के औषधि निरीक्षकों ने पुलिस बल के साथ दोपहर एक बजे फव्वारा की फर्मों पर छापा मारा।
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दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल नहीं मिले। स्टॉक रजिस्टर से भी दवाओं का मिलान नहीं हुआ। इनमें भारी अंतर पाया गया। कई दवाएं संदिग्ध मिली हैं। इनको जब्त कर लिया है। सरकारी अस्पताल सप्लाई दवाएं भी मिली हैं। तीन फर्म सीज कर दी हैं। टीम शुक्रवार को भी जांच करेगी। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि लखनऊ की विशेष टीम ने फर्म पर छापा मारकर जांच की है।
टीम में पांच-छह महिला अधिकारी भी
मुख्यालय से आई विशेष टीम में औषधि विभाग के 30 अधिकारी शामिल हैं। इसमें मथुरा, प्रयागराज, बस्ती, गाजियाबाद, बाराबंकी, लखनऊ, मेरठ, अयोध्या समेत अन्य जिलों के अधिकारी रहे। इसमें पांच-छह महिला अधिकारी भी शामिल हैं। ये दवा विक्रेताओं और दवाओं की सूची बनाकर लाए थे। 15 टीमें बनाईं, जिन्होंने एक साथ 15 फर्मों पर छापा मारा। बीते तीन महीने के रिकाॅर्ड भी जांचे। मौके पर मिले दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, लैपटॉप, कंप्यूटर और रजिस्टर जब्त कर लिए हैं।
मुख्यालय से आई विशेष टीम में औषधि विभाग के 30 अधिकारी शामिल हैं। इसमें मथुरा, प्रयागराज, बस्ती, गाजियाबाद, बाराबंकी, लखनऊ, मेरठ, अयोध्या समेत अन्य जिलों के अधिकारी रहे। इसमें पांच-छह महिला अधिकारी भी शामिल हैं। ये दवा विक्रेताओं और दवाओं की सूची बनाकर लाए थे। 15 टीमें बनाईं, जिन्होंने एक साथ 15 फर्मों पर छापा मारा। बीते तीन महीने के रिकाॅर्ड भी जांचे। मौके पर मिले दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, लैपटॉप, कंप्यूटर और रजिस्टर जब्त कर लिए हैं।
फर्म बंद कर कई संचालक भागे, बनाई सूची
पहली बार छापे में इतने अधिकारी और पुलिस मौजूद रहे। इससे दवा बाजार में अफरातफरी रही। इसमें कई संचालक अपनी फर्म बंद कर भाग गए हैं। इन सभी की सूची बनाई है। इन स्टोरों पर भी जांच होगी। अगर मेडिकल स्टोर नहीं खोले गए तो इनको सीज कर दिया जाएगा।
पहली बार छापे में इतने अधिकारी और पुलिस मौजूद रहे। इससे दवा बाजार में अफरातफरी रही। इसमें कई संचालक अपनी फर्म बंद कर भाग गए हैं। इन सभी की सूची बनाई है। इन स्टोरों पर भी जांच होगी। अगर मेडिकल स्टोर नहीं खोले गए तो इनको सीज कर दिया जाएगा।
सीज हैं 71 करोड़ की दवाएं
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि बीते साल 22 अगस्त को एसटीएफ के साथ औषधि विभाग ने पांच गोदामों में करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की थी। इसमें यूनिस, वारिस, विक्की कुमार, सुभाष कुमार, हिमांशु अग्रवाल और फरहान के खिलाफ बीएनएस एक्ट के तहत केस भी दर्ज कराया था। पुडुचेरी से नामी कंपनियों के नाम की नकली दवाओं की कालाबाजारी की जा रही थी। इस पर सुल्तानगंज स्थित के एंड फार्मा, फव्वारा स्थित हे मां मेडिकोज, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, और ताज मेडिको के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। बीते दिनों ही फव्वारा में सैंपल और सरकारी दवाओं से भरे लावारिस हाल में पांच कार्टन पकड़े थे।
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि बीते साल 22 अगस्त को एसटीएफ के साथ औषधि विभाग ने पांच गोदामों में करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की थी। इसमें यूनिस, वारिस, विक्की कुमार, सुभाष कुमार, हिमांशु अग्रवाल और फरहान के खिलाफ बीएनएस एक्ट के तहत केस भी दर्ज कराया था। पुडुचेरी से नामी कंपनियों के नाम की नकली दवाओं की कालाबाजारी की जा रही थी। इस पर सुल्तानगंज स्थित के एंड फार्मा, फव्वारा स्थित हे मां मेडिकोज, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, और ताज मेडिको के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। बीते दिनों ही फव्वारा में सैंपल और सरकारी दवाओं से भरे लावारिस हाल में पांच कार्टन पकड़े थे।