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कभी पैदल तो कभी किसी वाहन का सहारा, मजबूर हैं प्रवासी
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कासगंज में गोरहा पर विश्राम करते प्रवासी
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। लॉकडाउन में प्रवासी अब भी पैदल एवं असुरक्षित साधनों से यात्रा करने को मजबूर हैं। जिले में बुधवार दोपहर तक प्रवासियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। जिन्हें जिला प्रशासन ने बसों के माध्यम से उनके गृह जनपद तक भेजा।
प्रवासियों की संख्या में पिछले दिनों के मुकाबले कमी आई है। लेकिन यह सिलसिला अभी रुका नहीं है। शहर के मुख्य मार्गों के अलावा बाईपास रोड से भी प्रवासी लगातार अपने गंतव्य को जा रहे हैं। इस दौरान पैदल तो कोई वाहन के सहारे आगे बढ़ रहा है। इन प्रवासियों में इलाहाबाद तो कोई लखनऊ तथा मेरठ व बरेली का निवासी है।
मेरठ जाने के लिए परेशान एक युवती शहर में ई-रिक्शा मिलने पर गोरहा तक पहुंची। यहां पुलिस ने उसे भेजने का इंतजाम किया। वहीं 80 से ऊपर संख्या में गोरहा पहुंचे प्रवासियों को प्रशासन ने बसों के माध्यम से उनके घरों को रवाना किया।
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- गोरहा पर करीब 80 प्रवासी पैदल व अन्य माध्यमों से पहुंचे। जिन्हें प्रशासन की व्यवस्था के अनुरूप बसों के माध्यम से गृह जनपद तक भिजवाया गया। - रिपुदमन सिंह, कोतवाली निरीक्षक, सोरों।
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प्रवासियों की संख्या में पिछले दिनों के मुकाबले कमी आई है। लेकिन यह सिलसिला अभी रुका नहीं है। शहर के मुख्य मार्गों के अलावा बाईपास रोड से भी प्रवासी लगातार अपने गंतव्य को जा रहे हैं। इस दौरान पैदल तो कोई वाहन के सहारे आगे बढ़ रहा है। इन प्रवासियों में इलाहाबाद तो कोई लखनऊ तथा मेरठ व बरेली का निवासी है।
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मेरठ जाने के लिए परेशान एक युवती शहर में ई-रिक्शा मिलने पर गोरहा तक पहुंची। यहां पुलिस ने उसे भेजने का इंतजाम किया। वहीं 80 से ऊपर संख्या में गोरहा पहुंचे प्रवासियों को प्रशासन ने बसों के माध्यम से उनके घरों को रवाना किया।
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- गोरहा पर करीब 80 प्रवासी पैदल व अन्य माध्यमों से पहुंचे। जिन्हें प्रशासन की व्यवस्था के अनुरूप बसों के माध्यम से गृह जनपद तक भिजवाया गया। - रिपुदमन सिंह, कोतवाली निरीक्षक, सोरों।