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दहेज हत्या: बहू को जलाने के मामले में सास को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। जिला जज पंकज कुमार अग्रवाल की कोर्ट ने मंगलवार को दहेज हत्या के एक मामले में मृतका की सास को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मृतका का पति भी इस मुकदमे में नामजद था। उसकी पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है।
मामला 10 दिसंबर 2022 का है। हुसैनपुर, एलाऊ निवासी रशीद खां ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उन्होंने अपनी पुत्री असमा बेगम की शादी 29 मई 2022 को महमूद नगर निवासी आलमगीर के साथ की थी।
शादी के कुछ दिनों बाद ही असमा के पति आलमगीर, ससुर गुलाब खां और सास शवीवन उर्फ सबीना बेगम दहेज की मांग करते हुए असमा के साथ मारपीट और उत्पीड़न करने लगे। असमा ने यह बात बताई। बेटी के ससुराल वालों को समझाया भी गया। मगर, 10 दिसंबर 2022 को उन्होंने बेटी को आग के हवाले कर दिया है। सैफई अस्पताल में बेटी की मौत हो गई। मृत्यु से पूर्व उसने अपना बयान भी दिया था, जिसमें पति और सास पर आग लगाने का आरोप लगाय था। इस आधार पर पुलिस ने विवेचना के दौरान कोर्ट में मृतका के पति आलमगीर और सास शवीवन उर्फ सबीना बेगम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ससुर का नाम निकाल दिया था। आलमगीर की जेल में मौत हो गई थी। जिला जज की कोर्ट में अभियोजन की ओर से पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने साक्ष्य व गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर शवीवन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मामला 10 दिसंबर 2022 का है। हुसैनपुर, एलाऊ निवासी रशीद खां ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उन्होंने अपनी पुत्री असमा बेगम की शादी 29 मई 2022 को महमूद नगर निवासी आलमगीर के साथ की थी।
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शादी के कुछ दिनों बाद ही असमा के पति आलमगीर, ससुर गुलाब खां और सास शवीवन उर्फ सबीना बेगम दहेज की मांग करते हुए असमा के साथ मारपीट और उत्पीड़न करने लगे। असमा ने यह बात बताई। बेटी के ससुराल वालों को समझाया भी गया। मगर, 10 दिसंबर 2022 को उन्होंने बेटी को आग के हवाले कर दिया है। सैफई अस्पताल में बेटी की मौत हो गई। मृत्यु से पूर्व उसने अपना बयान भी दिया था, जिसमें पति और सास पर आग लगाने का आरोप लगाय था। इस आधार पर पुलिस ने विवेचना के दौरान कोर्ट में मृतका के पति आलमगीर और सास शवीवन उर्फ सबीना बेगम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ससुर का नाम निकाल दिया था। आलमगीर की जेल में मौत हो गई थी। जिला जज की कोर्ट में अभियोजन की ओर से पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने साक्ष्य व गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर शवीवन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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