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मैनपुरी: कोल्ड ड्रिंक की डीलरशिप दिलाने के नाम पर झांसा देकर ठगने वाला गिरफ्तार
Thu, 31 Jul 2025 12:59 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:59 AM IST
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मैनपुरी। कोल्ड ड्रिंक कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले शातिर ठग को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ठग भोजपुरा के युवक से 10.83 लाख रुपये के मामले में पकड़ में आया है।
सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि कांती नगर, दिल्ली के रहने वाले मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। कुछ दिन पहले गांव भोजपुरा के गौरव राजपूत ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि उन्हें एक व्यक्ति ने कोल्ड ड्रिंक कंपनी की डीलरशिप दिलाने का भरोसा दिया था। डीलरशिप दिलाने के नाम पर 10.83 लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए। जानकारी करने पर पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी थी। साइबर अपराध एक्सपर्ट महिपाल भदौरिया, जाेगेंद्र चौधरी, सरयू की टीम ने साइबर ठग का पता लगाया तो वह कांती नगर, दिल्ली में रहने वाला मुकेश कुमार निकला। उसे दीवानी रोड क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया गया। मुकेश मूल रूप से गांव जहांगीरपुर, मधेपुर थाना बरबीधा शेखपुर, बिहार का रहने वाला है।
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ठग ने पुलिस की पूछताछ में उगले गई राज
आरोपी मुकेश से पुलिस ने पूछताछ की। उसने बताया कि वह काफी समय से नौकरी लगवाने आदि का लालच देकर जरूरतमंद लोगों को दिल्ली लाता था। उन्हें लालच देकर उनके अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता था। इन खातों का उपयोग वह ठगी करने वाले रुपये डलवाने के लिए करता था। धनराशि को वह एटीएम के जरिए निकालता था। उसने भोजपुरा निवासी गौरव के साथ भी धोखाधड़ी की घटना को कबूल किया है।
ये हुई बरामदगी
सीओ सिटी ने बताया कि ठग के कब्जे से 1.78 लाख रुपये, लैपटॉप, आठ एटीएम, दो पैन व दो आधार कार्ड, आठ पासबुक आदि सामान बरामद हुआ है।
डी-फार्मा करने के बाद अपराध के दलदल में फंसा
मुकेश कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा है। एक भाई बिहार में पिता के साथ मोबाइल की दुकान चलाता है। दूसरा भाई दिल्ली में ही मेडिकल कंपनी में काम करता है। मुकेश तीन साल पहले डी-फार्मा करने के बाद अपने कुछ दोस्तों के कहने पर दिल्ली नौकरी के लिए आया था। वहां साइबर ठगी करने वालों से उसकी मुलाकात हुई और वह अपराध के दलदल में फंस गया। पुलिस को गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। साइबर टीम जांच कर रही है।
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सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि कांती नगर, दिल्ली के रहने वाले मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। कुछ दिन पहले गांव भोजपुरा के गौरव राजपूत ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि उन्हें एक व्यक्ति ने कोल्ड ड्रिंक कंपनी की डीलरशिप दिलाने का भरोसा दिया था। डीलरशिप दिलाने के नाम पर 10.83 लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए। जानकारी करने पर पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
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शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी थी। साइबर अपराध एक्सपर्ट महिपाल भदौरिया, जाेगेंद्र चौधरी, सरयू की टीम ने साइबर ठग का पता लगाया तो वह कांती नगर, दिल्ली में रहने वाला मुकेश कुमार निकला। उसे दीवानी रोड क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया गया। मुकेश मूल रूप से गांव जहांगीरपुर, मधेपुर थाना बरबीधा शेखपुर, बिहार का रहने वाला है।
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ठग ने पुलिस की पूछताछ में उगले गई राज
आरोपी मुकेश से पुलिस ने पूछताछ की। उसने बताया कि वह काफी समय से नौकरी लगवाने आदि का लालच देकर जरूरतमंद लोगों को दिल्ली लाता था। उन्हें लालच देकर उनके अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता था। इन खातों का उपयोग वह ठगी करने वाले रुपये डलवाने के लिए करता था। धनराशि को वह एटीएम के जरिए निकालता था। उसने भोजपुरा निवासी गौरव के साथ भी धोखाधड़ी की घटना को कबूल किया है।
ये हुई बरामदगी
सीओ सिटी ने बताया कि ठग के कब्जे से 1.78 लाख रुपये, लैपटॉप, आठ एटीएम, दो पैन व दो आधार कार्ड, आठ पासबुक आदि सामान बरामद हुआ है।
डी-फार्मा करने के बाद अपराध के दलदल में फंसा
मुकेश कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा है। एक भाई बिहार में पिता के साथ मोबाइल की दुकान चलाता है। दूसरा भाई दिल्ली में ही मेडिकल कंपनी में काम करता है। मुकेश तीन साल पहले डी-फार्मा करने के बाद अपने कुछ दोस्तों के कहने पर दिल्ली नौकरी के लिए आया था। वहां साइबर ठगी करने वालों से उसकी मुलाकात हुई और वह अपराध के दलदल में फंस गया। पुलिस को गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। साइबर टीम जांच कर रही है।