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Mahashivratri: महाशिवरात्रि आज, राजेश्वर मंदिर से निकलेगी भोले की बरात, जानें शिव पूजन की विधि व शुभ मुहूर्त

Sat, 18 Feb 2023 07:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 18 Feb 2023 07:34 AM IST
सार

शोभायात्रा में भोले बाबा, मां पार्वती, गणेश जी एवं कार्तिकेय के स्वरूपों में कलाकार सजे होंगे। साथ ही अघोरी साधू कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे

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महाशिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को जो भक्त शिवजी का अभिषेक, व्रत और उपवास करता है उनसे प्रभु जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रात: 9:55 बजे तक का समय पूजा के लिए अति उत्तम है। शिवलिंग की पूजा से भगवान शिव सुख समृद्धि प्रदान करते हैं।
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महाशिवरात्रि  पर आज सुबह से ही शिवालयों में बम भोले के जयकारे गूंजना शुरू हो गए। शिवालयों में वैसे तो शुक्रवार से ही कांवड़िये भी कांवड़ चढ़ाने पहुंचना शुरू हो गए थे। वहीं आज जलाभिषेक का सिलसिला तड़के से शुरू हो गया। मंदिरों में विशेष शृंगार और फूल बंगले सजाए गए। राजेश्वर महादेव मंदिर से शिव बरात निकाली जाएगी। अध्यक्ष कपिल नारायण मिश्रा ने बताया कि शोभायात्रा में भोले बाबा, मां पार्वती, गणेश जी एवं कार्तिकेय के स्वरूपों में कलाकार सजे होंगे। साथ ही अघोरी साधू कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। चार रथों के साथ निकलने वाली इस शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत क्षेत्रीय लोगों द्वारा किया जाएगा। रावली मंदिर के महंत शेखर शर्मा ने बताया कि रावली मंदिर में रात्रि दो बजे से अभिषेक शुरू हो जाएंगे।
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पूजन की सामग्री व विधि

गंगाजल, चंदन, भस्म दूध, दही, शहद, कलावा, वस्त्र, जनेऊ, अक्षत, बेलपत्र, पुष्प माला, धतूरा भांग, भोग के लिए सफेद बर्फी, फल, नारियल, मेवा, दीपक, कपूर आदि। संकल्प के उपरांत भगवान शिव-पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय और नंदी को गंगाजल से स्नान कराएं। चंदन अक्षत से तिलक करें। पुष्पमाला, वस्त्र, जनेऊ आदि से सभी का षोडशोपचार पूजन करें। भगवान शिव का पंचामृत से रुद्राभिषेक करें।
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हर अभिषेक का है अपना महत्व

ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय के मुताबिक मान्यता है कि रुद्राभिषेक से सभी की समस्त मनोकामना पूरी होती हैं। अत: जो पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करता है उसे उत्तम संतान की प्राप्ति, गन्ने के रस से यश कीर्ति की प्राप्ति होती है। शहद से रुद्राभिषेक करने से कर्ज से मुक्ति एवं अच्छा स्वास्थ्य, देसी घी के द्वारा धन व्यापार में वृद्धि, कुशा और जल से अभिषेक करने से रोग की मुक्ति मिलती है। भगवान शिव के मंत्रों का जाप रुद्राक्ष की माला पर करना श्रेयस्कर होता है।


माता पार्वती के नाम की मेहंदी लगाई

बल्केश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत माता पार्वती की मेहंदी रस्म अदायगी की गई। श्री बल्केश्वर नाथ भक्त मंडल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिलाओं ने माता पार्वती बनी आरुषी पांड्या को मेहंदी लगाई गई। इसके बाद महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के नाम की मेहंदी अपने हाथों में लगाई। इस दौरान सुगंधा नागर वैभवी पांड्या, ममता सिंघल, अर्चना गर्ग, सरिता अग्रवाल, कुसुम अग्रवाल, पारुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे। महंत सुनील नागर ने बताया कि शनिवार शाम को कमला नगर स्थित साईंधाम मंदिर से शिव बरात निकाली जाएगी। बल्केश्वरनाथ बाबा की झांकी सबसे आर्कषक होगी। 
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