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सरयू का जल लेकर कान्हा की नगरी पहुंचे नृत्यगोपाल दास, कहा- अयोध्या के बाद मथुरा-काशी की बारी

Wed, 12 Aug 2020 01:17 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 12 Aug 2020 01:17 AM IST
सार

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सरयू का जल लेकर मथुरा पहुंचे श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष, जन्माष्टमी पर कृष्ण का करेंगे महाभिषेक 

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Mahant Nritya Gopal Das reached Mathura on Krishna Janmashtami 2020
मथुरा में महंत नृत्यगोपाल दास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि अयोध्या के बाद अब मथुरा और काशी चाहिए। हालांकि इसके लिए कोई आंदोलन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि देश में अयोध्या, मथुरा, काशी समेत सात पुरी मोक्ष देने वाली हैं। 

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले महंत नृत्यगोपाल दास मंगलवार शाम मथुरा के सीता-राम आश्रम पहुंचे। वो सरयू नदी का जल लेकर यहां आए हैं। जन्माष्टमी पर बुधवार को मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक करेंगे। सरयू नदी के जल से पहली बार जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा।
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पत्रकारों से बातचीत में महंत नृत्यगोपाल ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए मथुरा में कोई आंदोलन नहीं किया जाएगा। यहां मंदिर-मस्जिद का कोई विवाद नहीं है। अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण प्रारंभ हो चुका है। 

'सरयू नदी का जल दिव्य'

अयोध्या से मथुरा आए महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि सरयू नदी का जल दिव्य जल है, इसलिए यहां जल लेकर आए हैं। मोक्षपुरी मथुरा एवं अयोध्या की परम पवित्र नदियां यमुना और सरयू के साथ गंगाजल का उपयोग भी श्रीकृष्ण जन्ममहाभिषेक के दिव्य एवं अलौकिक धार्मिक अनुष्ठान में किया जाएगा।

उन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों को संदेश दिया कि निष्काम कर्म योग करें। माता-पिता, गुरुजनों की सेवा करें। यही सबसे बड़ा धर्म है। सबसे बड़ा कर्म है। वृंदावन के साधु-संतों द्वारा मार्गदर्शन की इच्छा पर उन्होंने कहा कि वो साधु-संतों के साथ हैं। हमेशा उन्होंने साधु-संतों की सेवा की है।


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