जन्माष्टमी पर कान्हा की नगरी मथुरा का राम नगरी अयोध्या से विशेष नाता जुड़ जाएगा। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी के श्रीविग्रह का महाभिषेक सरयू नदी के पावन जल से होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास अयोध्या से सरयू नदी का जल लेकर कान्हा की नगरी आ रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव 12 अगस्त को मनाया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार नंदगांव में कान्हा का जन्मोत्सव एक दिन पहले यानी 11 अगस्त को है। जन्माष्टमी को लेकर ब्रज के मंदिरों को भव्य रूप से मनाया सजाया गया है।
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जन्माष्टमी पर मथुरा का अयोध्या से जुड़ेगा विशेष नाता, सरयू के जल से होगा श्रीकृष्ण का महाभिषेक
Tue, 11 Aug 2020 03:45 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 11 Aug 2020 03:45 PM IST
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या (फाइल फोटो।)
- फोटो : amar ujala
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म महाभिषेक में परम पवित्र सरयू नदी के जल का भी उपयोग किया जाएगा। अयोध्यापुरी से सरयू का जल लेकर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज 11 अगस्त को मथुरा पहुंचेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
मोक्षपुरी मथुरा एवं अयोध्या की परम पवित्र नदियां यमुना और सरयू के साथ गंगाजल का उपयोग भी श्रीकृष्ण जन्ममहाभिषेक के दिव्य एवं अलौकिक धार्मिक अनुष्ठान में किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के सानिध्य में भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक जन्ममहाभिषेक के कार्यक्रम संपन्न होंगे।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
कई प्रकार के फूलों से सजेगा जन्मस्थान
जन्माष्टमी पर भागवत भवन में सजाए जाने वाले सुवर्ण आभा बंगले को तैयार करने में कारीगर जुटे हैं। यह बंगला हस्तशिल्प कला का एक उत्कृष्ट नमूना होगा। कपिल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भागवत भवन में सुवर्ण आभा अत्यंत सुंदर नक्काशी युक्त बंगले की सज्जा में रत्न प्रतिकृति जड़ी जाएंगी जो इसकी छटा को नयनाभिराम बनाएगी। बंगले की सज्जा में काष्ठ, पत्र-पुष्प, थर्माकॉल, वस्त्र, रत्न आदि का प्रयोग किया गया है। कारीगर सहयोगियों के साथ ठाकुरजी के इस अद्भुत बंगले के निर्माण में दिन-रात लगे हुए हैं।
जन्माष्टमी पर भागवत भवन में सजाए जाने वाले सुवर्ण आभा बंगले को तैयार करने में कारीगर जुटे हैं। यह बंगला हस्तशिल्प कला का एक उत्कृष्ट नमूना होगा। कपिल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भागवत भवन में सुवर्ण आभा अत्यंत सुंदर नक्काशी युक्त बंगले की सज्जा में रत्न प्रतिकृति जड़ी जाएंगी जो इसकी छटा को नयनाभिराम बनाएगी। बंगले की सज्जा में काष्ठ, पत्र-पुष्प, थर्माकॉल, वस्त्र, रत्न आदि का प्रयोग किया गया है। कारीगर सहयोगियों के साथ ठाकुरजी के इस अद्भुत बंगले के निर्माण में दिन-रात लगे हुए हैं।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रांगण झिलमिलाएगा दीपमालाओं से
श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान जन्माष्टमी पर होने वाले कार्यक्रमों को संपूर्ण शास्त्रोक्त विधान एवं परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव पर भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत भव्य दीपदान के आयोजन से किया जाएगा। भगवान के जन्म की बेला से पूर्व रात्रि 11 बजे संपूर्ण मंदिर प्रांगण में सहस्त्रों दीपक अर्पित किए जाएंगे। संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि दीप ज्योति प्रज्वलित करते समय सर्वे भवन्तु सुखिन, सर्वे सन्तु निरामया के संकल्प के साथ वैश्विक महामारी कोरोना से मानवता शीघ्र मुक्त हो, ऐसी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में प्रार्थना की जाएगी।
श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान जन्माष्टमी पर होने वाले कार्यक्रमों को संपूर्ण शास्त्रोक्त विधान एवं परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव पर भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत भव्य दीपदान के आयोजन से किया जाएगा। भगवान के जन्म की बेला से पूर्व रात्रि 11 बजे संपूर्ण मंदिर प्रांगण में सहस्त्रों दीपक अर्पित किए जाएंगे। संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि दीप ज्योति प्रज्वलित करते समय सर्वे भवन्तु सुखिन, सर्वे सन्तु निरामया के संकल्प के साथ वैश्विक महामारी कोरोना से मानवता शीघ्र मुक्त हो, ऐसी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में प्रार्थना की जाएगी।